मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में खादी ब्रांड आउटलेट खोलने की तैयारी
मध्यप्रदेश सरकार ने खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख ब्रांडों के विस्तार को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य के सभी 55 जिलों में विभाग के आउटलेट खोले जाएंगे, ताकि खादी और हस्तशिल्प उत्पाद अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
मृगनयनी, विंध्यावैली, कबीरा और प्राकृत ब्रांड का विस्तार
वर्तमान में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के मृगनयनी, विंध्यावैली, कबीरा और प्राकृत ब्रांड के आउटलेट केवल संभागीय मुख्यालयों पर संचालित हो रहे हैं। निर्णय के अनुसार अब इन्हें प्रत्येक जिले में शुरू किया जाएगा। नए विक्रय केंद्र प्रदर्शनी सह बिक्री आउटलेट के रूप में विकसित किए जाएंगे, जहां उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री दोनों की व्यवस्था होगी।
राज्य सरकार इन ब्रांडों के लिए निजी उद्यमियों को फ्रेंचाइजी भी प्रदान करेगी, ताकि नेटवर्क तेजी से बढ़ सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हों।
लाड़ली बहनों के लिए लूम और चरखे का प्रावधान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में यह तय किया गया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के चिन्हित जिलों में लाड़ली बहनों को लूम और चरखे उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन संसाधनों के माध्यम से उन्हें खादी और सिल्क के कपड़ों के उत्पादन से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा और महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिलेगा।
विभाग की उपलब्धियां और लक्ष्य
बैठक में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ओर से पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी दी गई और आगामी तीन साल के लक्ष्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल, एसीएस नीरज मंडलोई और केसी गुप्ता भी मौजूद रहे।
साड़ी वॉकथान और महेश्वरी स्टोल को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने इंदौर में आयोजित साड़ी वॉकथान जैसे कार्यक्रमों को प्रदेश के अन्य शहरों में भी आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि पारंपरिक वस्त्रों और स्थानीय बुनकरों को प्रोत्साहन मिल सके।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट के रूप में देने के लिए मध्यप्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है। इसके साथ ही महेश्वर के किले पर उकेरे गए डिजाइन के आधार पर मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियां तैयार करवाई जा रही हैं।
कूनो चीता अभ्यारण्य के लिए चीता थीम गिफ्ट आइटम
कूनो चीता अभ्यारण्य में विक्रय के लिए प्रदेश की 35 से अधिक क्राफ्ट पर चीता थीम आधारित नए गिफ्ट आइटम तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को पर्यटन और स्मृति चिह्न के रूप में बढ़ावा देने की योजना है, जिससे स्थानीय कारीगरों को भी लाभ मिल सके।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार के इन कदमों का उद्देश्य खादी, सिल्क और पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देना, महिला समूहों और बुनकरों को सशक्त बनाना तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
Sharad Shrivastava