मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में लाभार्थियों की संख्या घटी
मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 71 हजार से अधिक महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं। इसके बाद वर्तमान में योजना के पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर लगभग 1.25 करोड़ रह गई है।
लाभार्थियों की संख्या में कमी और किस्तों का वितरण
योजना की शुरुआत में कुल 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 आवेदन प्राप्त हुए थे। आपत्तियों के आधार पर 2 लाख 18 हजार 858 नाम हटाए गए, जिसके बाद संख्या 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 रह गई। आगे पात्रता, उम्र और अन्य शर्तों की समीक्षा के कारण यह संख्या घटते-घटते अब लगभग 1.25 करोड़ पर पहुंचने वाली है।
योजना की 32वीं किस्त का ट्रांसफर नर्मदापुरम जिले के माखननगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया जाना है। इस किस्त में लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में कुल 1800 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे।
मासिक राशि में वृद्धि और वित्तीय बोझ
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत शुरू में लाभार्थी महिलाओं को प्रति माह 1250 रुपए दिए जाते थे। नवंबर 2025 से इस राशि में 250 रुपए की वृद्धि की गई और अब 1500 रुपए प्रति माह प्रदान किए जा रहे हैं। इस बढ़ोतरी के कारण राज्य सरकार पर हर माह 300 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है।
अक्टूबर 2025 तक योजना के तहत प्रति माह 1500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाती थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 1850 करोड़ रुपए से अधिक हो गई। योजना में नए नाम फिलहाल नहीं जोड़े जा रहे, जबकि पात्रता मानकों के आधार पर नाम लगातार काटे जा रहे हैं, जिसके कारण 2023, 2024 और 2025 में लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की बजाय घटी है।
अब तक ट्रांसफर की गई कुल राशि
योजना लागू होने के बाद जून 2023 से दिसंबर 2025 की अवधि में कुल 48 हजार 632 करोड़ 70 लाख रुपए लाभार्थी महिलाओं के खातों में जमा किए जा चुके हैं।
मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव के पद संभालने के बाद जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 38 हजार 635 करोड़ 89 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। इससे साफ है कि योजना पर लगातार बड़े पैमाने पर वित्तीय व्यय हो रहा है, भले ही लाभार्थियों की संख्या में कमी आई हो।
योजना की परिकल्पना और उद्देश्य
तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 मार्च 2023 को भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की परिकल्पना सार्वजनिक की थी। उन्होंने बताया था कि एक रात वे जागते रहे और सुबह 4 बजे अपनी पत्नी को यह विचार बताया कि वे उन बहनों के लिए एक योजना बनाना चाहते हैं जो उन्हें अपना भाई मानती हैं।
उन्होंने कहा था कि साल में एक बार पैसा देने से महिलाओं की दिक्कतें कम नहीं होंगी, इसलिए हर महीने राशि देने की योजना बनाई गई, ताकि महिलाएं सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें। इसी विचार से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का स्वरूप तैयार किया गया, जिसे उन्होंने बहनों की जिंदगी बदलने का एक अभियान बताया।
उम्र के कारण अपात्र हुईं लाभार्थी महिलाएं
योजना के तहत कई लाभार्थी महिलाओं के नाम उम्र सीमा पार करने के कारण काटे गए हैं। जानकारी के अनुसार, 1 लाख 63 हजार महिलाओं को उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के चलते इस बार 1250 रुपए की किस्त नहीं मिल पाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया है।
जनवरी 2025 में 1.26 करोड़ महिलाओं को 1250 रुपए की किस्त मिलेगी, जबकि इससे पहले 11 दिसंबर 2024 को 1.28 करोड़ महिलाओं के खातों में कुल 1572 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे। यह स्थिति भी दर्शाती है कि उम्र और अन्य पात्रता शर्तों के कारण लाभार्थियों की संख्या में क्रमिक कमी आ रही है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत एक ओर लाभार्थी महिलाओं की संख्या घट रही है, वहीं दूसरी ओर उनके खातों में ट्रांसफर होने वाली मासिक राशि में वृद्धि और कुल व्यय के स्तर पर योजना का दायरा बड़े वित्तीय स्तर पर कायम है। सरकार नए नाम नहीं जोड़ रही, पर निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र महिलाओं को नियमित रूप से किस्तें जारी रखे हुए है।
Sharad Shrivastava