मध्यप्रदेश में 19 अफसर 2026 तक रिटायर, अपर कलेक्टर पद खाली होने से प्रशासनिक दबाव बढ़ेगा

· 1 min read
मध्यप्रदेश में 19 अफसर 2026 तक रिटायर, अपर कलेक्टर पद खाली होने से प्रशासनिक दबाव बढ़ेगा

मध्यप्रदेश में 2026 तक 19 प्रशासनिक अधिकारी होंगे सेवानिवृत्त

मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारी आगामी महीनों में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इससे प्रदेश के उन जिलों में प्रशासनिक दबाव बढ़ने की आशंका है, जहां पहले से ही अपर कलेक्टर के पद खाली हैं और प्रभार के सहारे काम चल रहा है।

अपर कलेक्टर की कमी से प्रशासनिक व्यवस्था पर असर

प्रदेश के कई जिलों में अपर कलेक्टर के पद रिक्त हैं। ऐसे स्थानों पर शासन ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ही अतिरिक्त रूप से अपर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंप रखी है। अब जब कई अपर कलेक्टर इस वर्ष और आगे सेवानिवृत्त होंगे, तो प्रशासनिक और राजस्व संबंधी कार्यों में और अधिक कसावट की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर पद पर पदोन्नत होने वाले अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियों के लिए पदस्थापना का इंतजार है। सरकार के सामने इन रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति और कार्य विभाजन को व्यवस्थित करने की चुनौती है।

अधिवार्षिकी सूची में 19 अधिकारियों के नाम

सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिवार्षिकी सूची के माध्यम से वर्ष 2026 तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की सूची जारी की है। इसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और अपर कलेक्टर स्तर के कुल 19 अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

इनमें सबसे पहले रीवा में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर गणेश प्रसाद अग्रवाल का नाम है, जो इसी माह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। नर्मदापुरम के अपर कलेक्टर राजीव रंजन पांडेय और अपर कलेक्टर नाथूराम गौड़ फरवरी में रिटायर होंगे। धार के संयुक्त कलेक्टर जगदीश मेहरा और गुना के संयुक्त कलेक्टर महेश कुमार बमनहा मार्च में सेवानिवृत्त होंगे।

सीहोर जिले के अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह अप्रैल में और अनूपपुर के अपर कलेक्टर मई में सेवानिवृत्त होंगे। इन सेवानिवृत्तियों के कारण जबलपुर, सीहोर, नर्मदापुरम, अनूपपुर सहित कई जिलों में अपर कलेक्टर स्तर की तैनाती को लेकर स्थिति और जटिल हो सकती है।

आगे के महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी

जून में भोपाल स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक मनोज कुमार वर्मा, उप संचालक पंचायत राज संचालनालय प्रताप सिंह धुर्वे और आगर मालवा के अपर कलेक्टर राम प्रसाद वर्मा सेवानिवृत्त होंगे।

अगस्त में सीहोर के संयुक्त कलेक्टर दिनेश सिंह तोमर, नर्मदापुरम के संयुक्त कलेक्टर अनिल कुमार जैन और सीहोर के संयुक्त कलेक्टर जमील खान रिटायर होंगे। सितंबर में भिंड के अपर कलेक्टर लक्ष्मीकांत पांडेय सेवानिवृत्त होंगे।

अक्टूबर में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, भोपाल में पदस्थ उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव, राजगढ़ के संयुक्त कलेक्टर वीरेंद्र सिंह दांगी और उज्जैन संभाग के राजस्व उपायुक्त रणजीत कुमार नवंबर में सेवा निवृत्त होंगे।

दिसंबर 2026 में खंडवा के संयुक्त कलेक्टर रमेश चंद्र खतेड़िया और रीवा के संयुक्त कलेक्टर अखिलेश कुमार सिंह सेवानिवृत्त होंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार को विभिन्न पदों पर नई पोस्टिंग और प्रमोशन के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को संतुलित रखना होगा।

निष्कर्ष: समय पर पोस्टिंग की चुनौती

एक साथ बड़ी संख्या में डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और अपर कलेक्टर के सेवानिवृत्त होने से कई जिलों में प्रभार आधारित व्यवस्था और कमजोर हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार के लिए समय पर पदस्थापना और रिक्त पदों को भरना जरूरी हो जाएगा, ताकि राजस्व और प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न आए।

Bhavanesh Soni