मध्यप्रदेश में जहरीले सिरप पर सख्ती, 243 सैंपल जांचे, 1086 बोतलें जब्त

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मध्यप्रदेश में जहरीले सिरप पर सख्ती, 243 सैंपल जांचे

मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार और औषधि प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब तक 243 सिरप के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं, जिनमें से तीन सिरप असुरक्षित पाए गए हैं। इन सिरप में डायएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लायकॉल (EG) जैसे रसायन निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में पाए गए, जो शरीर के लिए घातक होते हैं।

सिरप की बिक्री पर सख्त पाबंदी

औषधि प्रशासन ने सिरप की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। थोक विक्रेताओं और रिटेलर्स को बिक्री रिकॉर्ड प्रस्तुत करने और सिरप की बिक्री की सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से कोडीन युक्त कफ सिरप पर निगरानी कड़ी की गई है।

कंपनियों पर बढ़ी निगरानी

राज्य में ओरल लिक्विड दवाओं के उत्पादन और बिक्री की लगातार मॉनिटरिंग के लिए एसओपी तैयार की गई है। फार्मास्युटिकल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि रॉ-मैटेरियल की क्वालिटी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रमाणित होनी चाहिए।

DEG और PEG जांच अनिवार्य

राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर DEG और PEG की जांच को सभी ओरल लिक्विड दवाओं के लिए अनिवार्य करने की मांग की है। अब तक इन केमिकल्स की जांच केवल संदिग्ध सैंपल्स पर होती थी, लेकिन इसे रूटीन जांच में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है।

संयुक्त जांच टीम करेगी निरीक्षण

राज्य सरकार ने CDSCO को पत्र लिखकर औचक निरीक्षण के लिए संयुक्त जांच टीम बनाने का अनुरोध किया है। यह टीम दवा निर्माण इकाइयों की जांच करेगी और गड़बड़ी पाए जाने पर उत्पादन एवं वितरण तत्काल रोक सकेगी।