मध्यप्रदेश में विधानसभावार विकास कार्यों की सूची तलब, ए-प्लस फाइलों पर तीन दिन में फैसला

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मध्यप्रदेश में विधानसभावार विकास कार्यों की सूची तलब, ए-प्लस फाइलों पर तीन दिन में फैसला

मध्यप्रदेश में विधानसभावार विकास कार्यों की सूची तलब, निर्णय प्रक्रिया होगी तेज

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की सभी विधानसभा सीटों में मंजूर विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी वित्त विभाग से तलब की है। यह उन कार्यों के लिए है, जिनके लिए 31 मार्च से पहले राशि स्वीकृत कर काम कराया जाना है। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि इन सभी स्वीकृत विकास कार्यों की विधानसभावार सूची 20 जनवरी तक प्रस्तुत की जाए, ताकि राशि जारी करने पर अंतिम निर्णय लिया जा सके।

15-15 करोड़ के प्रस्तावों की स्क्रूटनी पूरी, अब क्रियान्वयन की तैयारी

मोहन सरकार ने पिछले वर्ष भाजपा विधायकों से उनके-उनके विधानसभा क्षेत्रों में 15-15 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे थे। इसके बाद विधायकों ने अपने प्रस्ताव मुख्यमंत्री के माध्यम से राज्य शासन को भेज दिए थे। जानकारी के अनुसार, वित्त विभाग इन विकास कार्यों की स्क्रूटनी और राशि स्वीकृति की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर चुका है। अब अगला चरण इन योजनाओं को जमीन पर उतारने और समयसीमा के भीतर राशि जारी करने से जुड़ा है।

मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव और सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 20 जनवरी तक स्वीकृत विकास कार्यों की विधानसभावार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। तय योजना के अनुसार, इन कार्यों के लिए आवश्यक राशि 31 मार्च से पहले जारी की जानी है, ताकि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी न हो।

ए-प्लस नोटशीट पर तीन दिन के भीतर अनिवार्य निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ाई है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों, अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को यह निर्देश दिया है कि जिन मामलों में ए-प्लस नोटशीट भेजी जाएगी, उनका निराकरण तीन दिन के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा।

यदि निर्धारित अवधि में निर्णय नहीं लिया जा सके, तो संबंधित अधिकारी को देरी का कारण लिखित रूप में स्पष्ट करना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य फाइलों के अनावश्यक लंबित रहने को रोकना और शासन स्तर पर निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना है।

विधानसभा के बजट सत्र के लिए सटीक और तथ्यात्मक जवाब की तैयारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी विधानसभा बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारी करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों के सवालों के जवाब सटीक और तथ्यात्मक होने चाहिए तथा उत्तर देने से बचने या टालने की प्रवृत्ति से परहेज किया जाए।

साथ ही, जो आश्वासन अभी लंबित हैं, उन्हें शीघ्र निपटाकर विधानसभा को भेजने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ये सभी निर्देश एक उच्चस्तरीय बैठक में अफसरों को दिए गए।

केंद्र से फंडिंग पर जोर और बेहतर समन्वय की अपील

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी अधिकारियों को सतर्क और सक्रिय रहकर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों से निरंतर संपर्क बनाए रखें, राज्य के अच्छे कार्यों की जानकारी दें और केंद्र से अधिक फंडिंग हासिल करने के प्रयास तेज करें।

मुख्य सचिव ने कहा कि कन्वर्जेंस और टीम-स्पिरिट के साथ काम करने से बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने, उनसे मिलने वाले सुझावों और शिकायतों पर ध्यान देने तथा कार्यप्रणाली में त्रुटियों को सुधारने की हिदायत दी।

निष्कर्ष: समयबद्ध विकास और जवाबदेही पर सरकार का जोर

इन निर्देशों के माध्यम से राज्य सरकार ने यह संकेत दिया है कि विकास कार्यों में विलंब को कम करते हुए विधानसभा क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं को समय पर लागू करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, वित्तीय स्वीकृति, प्रशासनिक निर्णय, विधानसभा में जवाबदेही और केंद्र सरकार से फंडिंग सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयासों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि प्रदेश में विकास कार्यों की गति को तेज रखा जा सके।

Adarsh Chaurasiya