मध्यप्रदेश विधानसभा में सुरक्षा लापरवाही: चंदन पेड़ कटाई और टूटी बाउंड्रीवॉल से सवाल
मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान परिसर की पार्किंग में लगे चंदन के पेड़ों को काटने की कोशिश का मामला सामने आया, जिससे विधानसभा जैसे हाई सिक्योरिटी जोन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।
चंदन के पेड़ों पर आरी, एक पेड़ काटा, दो पर असफल प्रयास
घटना विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन की है, जब पार्किंग क्षेत्र में लगे चंदन के पेड़ों को निशाना बनाया गया। चोरों ने चंदन का एक पेड़ काटकर अलग कर दिया, जबकि दो अन्य पेड़ों पर आरी चलाकर उन्हें काटने की कोशिश की, लेकिन वे तने से अलग नहीं हो पाए। यह सब उस समय हुआ, जब परिसर को उच्च सुरक्षा क्षेत्र माना जाता है।
एमएलए फ्लैट्स निर्माण के लिए बाउंड्रीवॉल और दीवारें तोड़ी गईं
घटना के बाद की गई पड़ताल में सामने आया कि विधानसभा के पीछे तलाई क्षेत्र में पुराने विधायक विश्राम गृह को तोड़कर नए आवासों के निर्माण का काम चल रहा है। एमएलए रेस्ट हाउस के पारिवारिक खंड को तोड़कर फ्लैट बनाए जा रहे हैं और इस निर्माण के लिए विधानसभा की कुछ दीवारें ठेकेदारों ने जेसीबी मशीन से तोड़ दी हैं। पुरानी बिल्डिंग गिराने के लिए जेसीबी लगी हुई हैं, जिससे पीछे की ओर से परिसर में आने-जाने का सीधा रास्ता बन गया है। यहां बनी सीढ़ियों के जरिए कोई भी आसानी से विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकता है।
सत्र के दौरान सीढ़ियों पर सोते मिले पुलिसकर्मी
जब मीडिया ने पीछे के हिस्से का दौरा किया, तो सीढ़ियों पर धूप में दो पुलिस कर्मी सोते हुए दिखाई दिए। वहीं दो अन्य पुलिसकर्मी पास की दीवार पर बैठे थे। कैमरा देखते ही एक पुलिसकर्मी ने दूसरे को जगाया, लेकिन एक जवान अपनी पुलिस कैप से मुंह ढके हुए सोता हुआ नजर आया। इस दृश्य ने विधानसभा परिसर में तैनात सुरक्षा बल की सजगता पर भी सवाल खड़ा कर दिया।
चंदन कटाई के आरोपियों का सुराग नहीं, CCTV कैमरे खराब
घटना के दो दिन बाद भी न तो भोपाल पुलिस और न ही विधानसभा की सुरक्षा शाखा चंदन के पेड़ काटने की कोशिश करने वालों का सुराग लगा पाई है। सूत्रों के अनुसार, पार्किंग एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज उपलब्ध नहीं हो सके हैं। बताया गया कि जिस क्षेत्र में पेड़ काटने की घटना हुई, वहां के कैमरे खराब हैं, जिससे जांच और भी कठिन हो गई है।
सत्र के दौरान भारी पुलिस बल, फिर भी सुरक्षा में चूक
जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा था। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस, जिला पुलिस बल और एसएएफ के जवानों सहित करीब 350 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इसके अतिरिक्त विधानसभा की सुरक्षा शाखा में भी लगभग 35 कर्मचारी हैं। बाहर से सत्र ड्यूटी पर आए पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके जवान केवल दिन में सत्र के दौरान ड्यूटी पर रहते हैं, जबकि बाकी समय विधानसभा की सुरक्षा शाखा सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है। इसके बावजूद परिसर में पेड़ कटाई की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को दिखाता है।
कांग्रेस का आरोप: सरकार सत्ता के नशे में, कानून-व्यवस्था पर सवाल
घटना पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी तरह सत्ता के नशे में है। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा परिसर में चंदन के पेड़ों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है, तो प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनका आरोप है कि पुलिस अवैध वसूली और लोगों को ठगने में लगी है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह मंत्रालय का प्रभार है और विधानसभा मध्यप्रदेश की सर्वोच्च संस्था है। ऐसे में यहां पेड़ कटने की घटना को उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताया।
विधायकों के लिए नए फ्लैट्स का प्रोजेक्ट
इसी परिसर से जुड़े क्षेत्र में विधायकों के लिए नए फ्लैट्स का निर्माण कार्य भी चल रहा है। राज्य सरकार ने 102 फ्लैट बनाने के फैसले को करीब 11 महीने पहले कैबिनेट से मंजूरी दी थी। 21 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन फ्लैट्स के लिए भूमिपूजन किया था। प्रस्तावित फ्लैट्स में प्रत्येक विधायक के लिए लगभग तीन हजार वर्गफीट क्षेत्र में तीन बेडरूम, एक हॉल, किचन और ओपन एरिया जैसी सुविधाएं रखने की योजना है।
प्रोजेक्ट का आकार और संरचना
नए प्रोजेक्ट में कुल 5 विंग बनाई जा रही हैं। विंग ए में 18, विंग बी और सी में 22-22, जबकि विंग डी और ई में 20-20 फ्लैट प्रस्तावित हैं। सभी भवनों की ऊंचाई लगभग 24 मीटर होगी। एक फ्लैट का निर्मित क्षेत्र लगभग 243 वर्ग मीटर (लगभग 2615 वर्ग फीट) रखा गया है और पूरे प्रोजेक्ट का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 36,943 वर्ग मीटर (लगभग 3,97,654.50 वर्ग फीट) होगा। प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल लगभग 14.66 एकड़ बताया गया है।
निष्कर्ष: सुरक्षा पर पुनर्विचार की जरूरत
विधानसभा परिसर में चंदन के पेड़ काटने की घटना, निर्माण कार्य के चलते टूटी बाउंड्रीवॉल और सीढ़ियों से आसान प्रवेश जैसी स्थितियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। भारी पुलिस बल और सुरक्षा शाखा की मौजूदगी के बावजूद संदिग्ध लोग परिसर तक पहुंच सके, जो न केवल लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि भविष्य में ऐसे संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा के सख्त और प्रभावी इंतजाम की जरूरत भी दिखाता है।
L. N. Bhargava