जबलपुर के गांवों में तेंदुओं का आतंक बढ़ा

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जबलपुर के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती दहशत

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की सक्रियता तेजी से बढ़ रही है। इंद्राना, सिहोरा और कटंगी सहित आसपास के इलाकों में तेंदुओं के अक्सर दिखाई देने से ग्रामीण भय के माहौल में जी रहे हैं।

कई गांवों में तेंदुओं का लगातार मूवमेंट

इंद्राना गांव में पिछले दो सप्ताह से तेंदुओं की दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, तीन से चार तेंदुओं का झुंड गांव के आसपास नियमित रूप से देखा जा रहा है। शाम होते ही लोग घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं और जल्द ही अपने घरों में बंद हो जाते हैं।

वन विभाग का कहना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर जिले में 30 से ज्यादा तेंदुए घूम रहे हैं। नयागांव, खमरिया, पिपरिया, सिहोरा, कटंगी और इंद्राना समेत कई स्थानों पर इनकी मौजूदगी दर्ज की गई है।

मवेशियों और पालतू जानवरों पर हमले

इंद्राना गांव के निवासी बेड़ी लाल चक्रवर्ती ने बताया कि एक तेंदुए ने दिन के समय जंगल के पास चर रही एक गाय का शिकार कर लिया। इससे पहले भी तेंदुए के गांव के भीतर तक घुस आने के मामले सामने आ चुके हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ जंगल से आता है, शिकार करता है और फिर वापस लौट जाता है। कई बार वह घरों की छतों और मंदिर पर भी बैठा दिखाई देता है। बकरियां और कुत्ते भी तेंदुओं का शिकार बन चुके हैं, जिससे पशुपालकों में खासा डर है।

ग्रामीण महिला शांति बाई ने बताया कि जब बकरियां चरने के लिए गांव के बाहर जाती हैं तो तेंदुए घात लगाकर हमला कर देते हैं। अब तक कई मवेशी और बकरियां तेंदुओं का शिकार हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों की आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।

वन विभाग की चेतावनी और अलर्ट

जबलपुर के डीएफओ ऋषि मिश्र ने स्वीकार किया कि जिले के कई क्षेत्रों में तेंदुओं का मूवमेंट लगातार बढ़ रहा है। हालांकि अभी तक किसी इंसान पर हमले की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन पशुओं पर हमले नियमित रूप से हो रहे हैं।

वन विभाग ने अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है। लोगों से कहा गया है कि घने जंगलों में अकेले न जाएं और सुबह-शाम के समय विशेष सतर्क रहें। विभाग की टीमें क्षेत्र में निगरानी बढ़ा रही हैं और ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है।

निष्कर्ष

जबलपुर के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण और मानव बस्तियों के बीच संतुलन की चुनौती को उजागर करती है। फिलहाल इंसानों पर हमला न होने के बावजूद मवेशियों के लगातार शिकार से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की ओर से जारी अलर्ट और जागरूकता प्रयासों के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त ठोस कदम उठाने की जरूरत बनी हुई है।

Faraz Khan