महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर बड़ा विवाद
बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर महागठबंधन में तनाव गहराता जा रहा है। सीट शेयरिंग को लेकर विवाद पहले ही चल रहा था और अब कांग्रेस के भीतर भी नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के टिकट कटने से नाराज नेताओं ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महागठबंधन के टूटने की बात कही। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरू पर टिकट बेचने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं का विरोध
नाराज नेताओं में खगड़िया के विधायक छत्रपति यादव, बरबीघा से गजानंद शाही, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र पासवान और बांका के जिलाध्यक्ष कंचना कुमारी सिंह शामिल रहे। इन नेताओं ने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि योग्य उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस नेता आनंद माधव ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस मामले में पत्र लिखा है।
प्रशांत किशोर का बड़ा दावा
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 2025 के चुनाव को लेकर दावा किया कि मुख्य मुकाबला एनडीए और जनसुराज के बीच होगा। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन तीसरे पायदान पर रहेगा।
राजद और कांग्रेस में भी खींचतान
राजद ने बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी को नवादा के वारिसलिगंज से टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने पहले से मंटन सिंह को मैदान में उतार दिया है। कसबा से टिकट न मिलने पर कांग्रेस नेता मो. इरफान आलम ने भावुक होकर रोने का भी जिक्र किया। इसके अलावा, मधेपुरा की आलमनगर विधानसभा से नबीन कुमार को महागठबंधन के दो दलों ने अपना सिंबल दे दिया है, जिससे स्थिति और उलझ गई है।
महागठबंधन की चुनौती
फर्स्ट फेज के 121 सीटों पर महागठबंधन के 125 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद पटना से दिल्ली तक गहराते रहे। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता भी नाराज नेताओं को मनाने में असफल रहे।
निष्कर्ष
बिहार में महागठबंधन का भविष्य इस समय अनिश्चित नजर आ रहा है। सीट शेयरिंग और अंदरूनी कलह के चलते गठबंधन में दरार की संभावना बढ़ रही है। वहीं, प्रशांत किशोर ने 2025 के चुनावों में एनडीए और जनसुराज के बीच मुख्य मुकाबले का दावा कर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दिया है।
Navjeet Kaur