महागठबंधन में संकट: सीट शेयरिंग और कांग्रेस नेताओं का विरोध
बिहार में महागठबंधन के भीतर मतभेद और तनाव बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस के नाराज नेताओं ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरू पर टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। टिकट कटने से नाराज नेताओं ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महागठबंधन के टूटने की संभावना जताई। नाराज नेताओं में खगड़िया के विधायक छत्रपति यादव, बरबीघा से गजानंद शाही, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र पासवान, बांका जिलाध्यक्ष कंचना कुमारी सिंह सहित अन्य शामिल थे।
सीट शेयरिंग पर विवाद
महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर पहले से ही तनाव जारी है। फर्स्ट फेज के 121 सीटों पर महागठबंधन के 125 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। राजद ने 72, कांग्रेस ने 24, लेफ्ट ने 21, वीआईपी ने 6 और आईआईपी ने 2 सीटों पर नामांकन भरा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि योग्य उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया जा रहा है।
राहुल गांधी और खड़गे ने की कोशिश
कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे। सीट शेयरिंग और कैंडिडेट सिलेक्शन पर पिछले कुछ दिनों से विवाद जारी है।
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी का बयान
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि उन्हें राज्यसभा नहीं चाहिए, बल्कि वे डिप्टी सीएम बनना चाहते हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला लिया और अपने भाई को उम्मीदवार बनाया। सहनी ने बताया कि उन्हें महागठबंधन से 15 सीटें मिली हैं।
महागठबंधन में सीट शेयरिंग और टिकट वितरण को लेकर विवादों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी चुनावों में इसका क्या परिणाम होता है।
Adarsh Chaurasiya