ममता बनर्जी का धरना प्रदर्शन आज, अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी।

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ममता बनर्जी का धरना प्रदर्शन आज, अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी।

ममता बनर्जी का कोलकाता में धरना-प्रदर्शन आज, अभिषेक बनर्जी पर हमले और पटरी वालों को हटाने के विरोध में

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों तथा रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने संबंधी रेलवे के अभियान के खिलाफ प्रस्तावित धरने को पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनकी पार्टी इस पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोग और छोटे व्यापारी भय में जी रहे हैं, जबकि रेहड़ी-पटरी वालों को उपयुक्त पुनर्वास योजना के बिना हटाया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा उनकी पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) के विधायकों को अपने पाले में करने के लिए "धन-बल" का इस्तेमाल कर रही है।

पार्टी इस संकट से और मजबूत होकर उभरेगी: ममता बनर्जी

हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्वार्थ के लिए नेताओं के तृणमूल छोड़ने से संगठन का पुनर्निर्माण करने में मदद मिलेगी और पार्टी इस संकट से और मजबूत होकर उभरेगी। उन्होंने कहा, "लोग भयभीत क्यों हैं? लोग चिंतित क्यों हैं? पूरा माहौल बदल गया है। कोलकाता और बंगाल को अशिक्षित लोगों को सौंप दिया गया है।" बनर्जी ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल के 12 कार्यकर्ता मारे गए हैं और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को अपना घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा, "लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में व्यवधान डाला जा रहा है।" पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात की ओर इशारा किया कि पुलिस ने रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों के खिलाफ रानी रासमणि रोड पर उनकी पार्टी को धरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

'आधिकारिक अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन होगा'

बता दें कि अभिषेक बनर्जी और पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी पर कथित हमले को लेकर राजनीतिक हंगामा जारी है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) 2 जून को एस्प्लेनेड के रानी राशमोनी एवेन्यू में ममता बनर्जी के नेतृत्व में प्रदर्शन करने जा रही है। यह धरना- प्रदर्शन चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा और TMC पदाधिकारियों पर हुए हमलों के विरोध में होगा। बनर्जी ने कहा कि आधिकारिक अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन होगा। बनर्जी ने कहा, "अगर हमें वहां धरना देने की इजाजत नहीं दी गई तो जहां भी रोका जाएगा, मैं वहीं धरना दूंगी। मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं।" तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि अगर उन्हें कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई तो वह दिल्ली जाएंगी।

मैंने शुभेंदु को चुनाव लड़वाया: ममता बनर्जी

संभवत: भाजपा नेता एवं मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, जो कभी बनर्जी के करीबी सहयोगी थे, उका संदर्भ देते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने उन्हें (शुभेंदु को) चुनावों में उतारा था क्योंकि वह उनके पिता और परिवार को लंबे समय से जानती थी। बनर्जी ने दावा किया कि उन्हें एक संदेश भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि अगर उनके भतीजे और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को तृणमूल संगठन के नेतृत्व से हटा दिया गया तो कुछ नेता पार्टी में लौट आएंगे। उन्होंने कहा, "मैं इन लोगों को अच्छी तरह से जानती हूं। जिनकी कोई विचारधारा या सिद्धांत नहीं है, वे हमारे लिए शर्तें तय नहीं कर सकते।" उनकी यह टिप्पणी कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए दो विधायकों को निष्कासित किये जाने और कुछ नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने की खबरों के बाद तृणमूल में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच आई है। सोमवार को तृणमूल विधायकों के साथ पार्टी प्रमुख की बैठक रद्द कर दी गई क्योंकि इसके 80 विधायकों में से केवल 20 ही बैठक के लिए बनर्जी के आवास पर पहुंचे थे। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा अभिषेक बनर्जी को उनके बढ़ते राजनीतिक कद के कारण निशाना बना रही है और दावा किया कि हाल में उन पर हमला होने के बाद उन्हें उपयुक्त उपचार से वंचित कर दिया गया।

अभिषेक बनर्जी पर फेंके गए थे अंडे और पत्थर

शनिवार को, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके सोनारपुर में दुर्व्यवहार किया गया, जहां गुस्साई भीड़ ने उन पर अंडे और पत्थर फेंके। वह चुनाव बाद की कथित हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने वहां गए थे। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने भाजपा सरकार पर विपक्षी नेताओं की सुरक्षा वापस लेने और निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को डराने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, "पुलिस का इस्तेमाल विधायकों को धमकाने और स्थानीय प्रतिनिधियों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के लिए किया जा रहा है। यह लोकतंत्र नहीं है।" दलबदलुओं पर निशाना साधते हुए, ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल छोड़ने वाले कई नेताओं ने वर्षों तक सत्ता और पद का आनंद लिया है, लेकिन निजी स्वार्थ के लिए पाला बदल रहे हैं। विधायक रीताब्रता बनर्जी, जिन्हें संदीपन साहा के साथ तृणमूल से निष्कासित कर दिया गया है, पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि 2017 में माकपा द्वारा निष्कासित किए जाने के बाद पार्टी ने उन्हें समायोजित करके गलती की थी। ममता बनर्जी ने कहा, "मैं उन्हें निष्कासित करने के लिए माकपा को धन्यवाद देती हूं। हमारी गलती यह थी कि उन्होंने उन्हें टिकट दिया, क्योंकि वह हमारे पास आये और मेरे पैरों पर गिर पड़े। हमने उन पर भरोसा किया और यहां तक कि उन्हें समायोजित करने के लिए दूसरों को टिकट देने से भी इनकार कर दिया। आज उन्होंने पार्टी और उन लोगों को धोखा दिया है जिन्होंने उन्हें चुना था।" उन्होंने कहा, "हमें खुशी है कि वह चले गए। हम पार्टी का पुनर्निर्माण करेंगे।" तृणमूल कांग्रेस के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने वाली तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार के स्पष्ट संदर्भ में बनर्जी ने आरोप लगाया कि वह (दस्तीदार) भाजपा के साथ जुड़ने का प्रयास कर रहीं। उन्होंने दावा किया कि सांसद ने विधानसभा चुनाव में अपने बेटे के लिए टिकट मांगा था। बनर्जी ने भाजपा पर विपक्षी दल के समर्थकों को डराने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और प्रशासनिक उपायों का सहारा लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थानों का दुरुपयोग किया जा रहा है। भाजपा ने इन आरोपों पर अभी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Arvind Vishwakarma