ममता बनर्जी का बागी नेताओं को कड़ा संदेश
चुनाव हार के बाद पार्टी में बगावत जारी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में जारी बगावत के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, "अगर मुझे रोकना है तो मुझे मारना पड़ेगा।"
बागी नेताओं को चुनौती
ममता ने बागी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा, "अगर हिम्मत है तो खुलकर BJP में शामिल हो जाओ।" उन्होंने आरोप लगाया कि बागी नेता अब खुलकर BJP के लिए काम कर रहे हैं और कहा, "गद्दारी की भी एक सीमा होती है।"
पार्टी में बड़ा विभाजन
ममता का यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी के 20 सांसद और 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। शनिवार को टीएमसी की पश्चिम बंगाल अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बागी गुट का गठन
3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। 80 में से 58 बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था।
ममता के पास अब कितने सांसद और विधायक बचे
टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा में 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं, यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा में टीएमसी ने 80 सीटें जीती थीं, जिसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं।
चुनाव आयोग में मांग
बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर खुद को असली TMC के रूप में मान्यता देने की मांग की थी।
Bhavanesh Soni