मोहन भागवत: मैकाले नॉलेज सिस्टम से आजाद होना जरूरी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय शिक्षा प्रणाली पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारतीयों को अपनी ज्ञान परंपरा की अहमियत समझने के लिए ‘मैकाले नॉलेज सिस्टम’ के विदेशी प्रभाव से पूरी तरह मुक्त होना होगा।
‘आर्य युग’ वॉल्यूम के विमोचन में दिया बयान
मुंबई में रविवार, 19 अक्टूबर को 'आर्य युग' वॉल्यूम के विमोचन के दौरान बोलते हुए भागवत ने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को ब्रिटिश काल में ‘मैकाले नॉलेज सिस्टम’ के तहत ढाला गया था। इस प्रणाली ने भारतीयों को अपनी संस्कृति और ज्ञान से दूर कर दिया।
मैकाले नॉलेज सिस्टम का इतिहास
यह प्रणाली ब्रिटिश राज के समय 1835 में थॉमस बबिंगटन मैकाले द्वारा लागू की गई थी। इसके तहत भारतीय स्कूलों और कॉलेजों में अंग्रेजी को मुख्य भाषा बनाया गया था। इसका उद्देश्य भारतीयों को उनकी संस्कृति और परंपरा से दूर करना और ब्रिटिश सोच के करीब लाना था।
भागवत ने दी नई दिशा
भागवत ने कहा कि भारतीयों को अपनी जड़ों और ज्ञान परंपरा को फिर से अपनाना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीयों की सोच और बुद्धि विदेशी प्रभाव से प्रभावित हो चुकी है। इसे बदलने के लिए शिक्षा प्रणाली में बदलाव की आवश्यकता है।
Rajesh Agnihotri