मोहन भागवत की वंदे भारत पर पथराव: हरदोई में खिड़की का शीशा टूटा, जांच जारी

· 1 min read
मोहन भागवत की वंदे भारत पर पथराव: हरदोई में खिड़की का शीशा टूटा, जांच जारी

मोहन भागवत की वंदे भारत एक्सप्रेस पर हरदोई में पथराव, खिड़की का शीशा टूटा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत जिस वंदे भारत एक्सप्रेस से मेरठ जा रहे थे, उस पर हरदोई में पथराव किया गया। इस घटना में ट्रेन के एक कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। संघ प्रमुख मोहन भागवत इस दौरान पूरी तरह सुरक्षित रहे।

पथराव की घटना और जांच

यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 3.20 बजे हरदोई जिले में कोतवाली देहात के कौढ़ा गांव के पास बलोखर फाटक के नजदीक हुई। वाराणसी से मेरठ चलने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस लखनऊ के प्लेटफार्म नंबर चार से मेरठ के लिए रवाना हुई थी। बताया गया कि कोच सी-4 की खिड़की पर जोरदार पत्थर आकर लगा, जिससे तेज आवाज के साथ शीशा चटक गया। अंदर बैठे यात्रियों में अचानक खलबली मच गई। हालांकि, मोहन भागवत उस समय कोच ई-1 में सवार थे, जिससे वह सीधे तौर पर प्रभावित नहीं हुए। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने मोहन भागवत का कोच बदल दिया।

ट्रेन स्टाफ ने तत्काल कंट्रोल रूम को इस घटना की सूचना दी। हरदोई जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) मामले की जांच कर रही है और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जीआरपी द्वारा पथराव के दो संभावित कारण माने जा रहे हैं: पहला, कुछ बच्चे रेलवे ट्रैक के पास क्रिकेट खेल रहे थे और गेंद ट्रेन से टकरा गई हो; दूसरा, किसी शरारती बच्चे ने ट्रेन पर पत्थर फेंके हों। घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है और आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

मोहन भागवत का मेरठ प्रवास

पथराव की घटना के बाद, मोहन भागवत रात 9 बजे मेरठ स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा के बीच उतरे। वह शताब्दीनगर के माधवकुंज में ठहरे हैं, जहां वह 20 और 21 फरवरी को एक दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान, वह 28 जिलों के प्रबुद्धजनों से बातचीत करेंगे। इसके अतिरिक्त, वह क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार, सुरेश रैना, प्रवीण कुमार और अर्जुन अवार्डी अलका तोमर सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से भी मुलाकात करेंगे और उनसे सामाजिक अनुभवों पर चर्चा करेंगे। मोहन भागवत खिलाड़ियों के सवालों के जवाब भी देंगे।

मेरठ प्रवास से एक दिन पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी, जहां दोनों के बीच लगभग 40 मिनट तक विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। लखनऊ में अपने कार्यक्रमों के दौरान, भागवत ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए थे, जिसमें "घर वापसी" का काम तेज करने, हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर चिंता व्यक्त करते हुए कम से कम तीन बच्चे होने की आवश्यकता और यह बात भी शामिल थी कि भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरएसएस भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं है।

Satyam Tripathi