मध्य प्रदेश कैबिनेट के अहम फैसले: संपत्ति रजिस्ट्री शुल्क माफ, युवाओं को मिलेगा योजनाओं का फीडबैक
भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों में ग्रामीण आबादी को बड़ी राहत और युवाओं के लिए नए अवसर शामिल हैं।
भूमि स्वामित्व योजना: 46 लाख ग्रामीणों की रजिस्ट्री का खर्च उठाएगी सरकार
कैबिनेट ने 'भूमि स्वामित्व योजना' के अंतर्गत प्रदेश के 46 लाख ग्रामीण निवासियों की संपत्ति रजिस्ट्री का स्टांप शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
'सीएम यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम' शुरू
योजनाओं की जमीनी हकीकत और उनके क्रियान्वयन का फीडबैक लेने के लिए सरकार ने "सीएम यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम" शुरू करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत 4865 युवा इंटर्न तैनात किए जाएंगे। इनका चयन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल के माध्यम से होगा। यह कार्यक्रम तीन साल तक चलेगा और इन युवाओं को एक साल के अनुबंध पर नियुक्त किया जाएगा। इंटर्न्स की मुख्य जिम्मेदारी अपने विकासखंड में संचालित योजनाओं की जमीनी रिपोर्ट और फीडबैक सीधे मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों तक पहुंचाना होगी। इस कार्यक्रम पर लगभग 170 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
विभिन्न योजनाओं का 2031 तक विस्तार
कैबिनेट ने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, महिला-बाल विकास सहित सात विभागों की योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए 33,240 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इन योजनाओं में महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग से संबंधित कार्य, विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं, आरडीएसएस योजना, दिव्यांगों को प्रोफेशनल टैक्स में छूट और स्टार्टअप्स के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।
स्वास्थ्य और न्याय क्षेत्र में पदों का सृजन
राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए मैहर, निमरानी और कैमोर में कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय (ESIC) खोलने हेतु डॉक्टर और स्टाफ सहित कुल 51 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, सिंगरौली के चितरंगी में व्यवहार न्यायालय के लिए भी नए पद सृजित किए जाएंगे, जिससे न्यायिक सेवाओं का विस्तार होगा।
'एक जिला-एक उत्पाद' योजना को बढ़ावा
स्थानीय उत्पादों को ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'एक जिला–एक उत्पाद' योजना के तहत 37.50 करोड़ रुपये की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की गई है। यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सहायक होगी।
Amit Pateria