मध्यप्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक, जामा मस्जिद भूमि से लेकर योजनाओं पर निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कुल 11 प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने हैं, जिनमें भूमि आवंटन, फसल बीमा, उच्च शिक्षा, सड़क निर्माण, प्रशासनिक नियुक्तियां, पेंशन और महिला-बाल विकास से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
इंदौर जामा मस्जिद भूमि आवंटन पर पुनर्विचार
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव इंदौर नगर के मध्य स्थित जामा मस्जिद के नमाजियों के लिए भूमि आवंटन से जुड़ा है। यह प्रस्ताव 27 सितंबर 2003 को तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार द्वारा लिए गए फैसले के पुनर्विचार के रूप में लाया जा रहा है। साथ ही, उसी स्थान पर नागरिक सुविधाओं के लिए चिकित्सालय, वाचनालय, उद्यान, कम्युनिटी हॉल और विद्यालय निर्माण के लिए किए गए भूमि आवंटन पर भी वर्तमान सरकार निर्णय लेगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ा प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वेदर इंफॉर्मेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम कार्यक्रम को स्वीकृति देने पर निर्णय होगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत तहसील स्तर पर स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित करने, ग्राम पंचायत स्तर पर रेन गेज लगाने, एजेंसी के चयन और मौसम संबंधी आंकड़े एकत्र करने जैसे बिंदुओं पर भी फैसला लिया जाएगा।
उच्च शिक्षा और सड़क निर्माण के प्रस्ताव
उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों को स्वीकृति देने पर कैबिनेट विचार करेगी। वहीं लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव के तहत बड़वाह–धामनोद मार्ग को फोरलेन में अपग्रेड करने और इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर उन्नयन एवं निर्माण करने को मंजूरी देने पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासनिक नियुक्तियां और सेवा संबंधी मामले
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार सेवानिवृत्त चौबदार टी. सहदेवन को राजभवन सचिवालय में 1 जनवरी 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए पुनः संविदा नियुक्त करने पर निर्णय होगा। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की निजी स्थापना में सहायक ग्रेड-3 पद पर पदस्थ सत्येंद्र सिंह यादव की संविदा नियुक्ति पर भी विचार किया जाएगा।
पेंशन और उपचार से जुड़े प्रस्ताव
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव के तहत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग डिंडोरी के सब इंजीनियर डी. एन. सिंह के राज्य के बाहर उपचार पर हुए खर्च के बिल के भुगतान पर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, जनपद पंचायत बंडा के तत्कालीन सीईओ सुरेंद्र खरे के रिटायरमेंट के बाद उनकी 15 प्रतिशत पेंशन राशि तीन वर्ष के लिए अस्थायी रूप से वापस लेने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा होगी।
महिला-बाल विकास और वन विभाग के प्रस्ताव
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेवा योजना, निर्माण, पोषण अभियान, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम और किशोरी बालिका योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर कैबिनेट फैसला लेगी।
वन विभाग की ओर से सहायक वन संरक्षक सुधीर कुमार पाठक, जो उस समय अशोकनगर में उपवन मंडल अधिकारी के पद पर थे, की पेंशन वापस लेने का प्रस्ताव भी विचार के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इन सभी प्रस्तावों पर लिए जाने वाले निर्णय राज्य की नीतिगत दिशा और विभिन्न विभागों के कार्यान्वयन पर असर डालेंगे।
Sharad Shrivastava