MP में होली से पहले बसों की हड़ताल : नई परिवहन नीति पर ऑपरेटर्स नाराज , यात्रा 7 गुना महंगी

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MP  में  होली  से पहले  बसों की हड़ताल :  नई परिवहन नीति  पर  ऑपरेटर्स नाराज ,  यात्रा 7 गुना महंगी

MP में होली से पहले बसों की हड़ताल: नई नीति पर ऑपरेटर्स नाराज, यात्रा होगी महंगी

मध्य प्रदेश में होली से ठीक पहले 2 मार्च को बसों की बड़ी हड़ताल होने जा रही है। प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 20 हजार बसें सुबह 6 बजे से बंद रहेंगी। इस हड़ताल से उन आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जो होली मनाने अपने घरों को जा रहे हैं।

बस ऑपरेटर्स क्यों कर रहे हैं विरोध?

मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन सरकार की नई परिवहन नीति का विरोध कर रहा है। इस नीति के तहत, सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर 7 कंपनियों को सभी बसों के टेंडर सौंपने जा रही है। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि नई नीति में किराए का निर्धारण कंपनियां करेंगी और उनसे किराए का 10 प्रतिशत तक कमीशन वसूलेंगी। जबकि ड्राइवर, स्टाफ और ईंधन जैसी परिचालन जिम्मेदारियां बस ऑपरेटरों की ही रहेंगी।

एसोसिएशन के महामंत्री जयकुमार जैन ने बताया कि फिलहाल प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये है, जिसे नई नीति के तहत बढ़ाकर 1.75 रुपये करने का प्रस्ताव है। उन्होंने सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए मांगों के न माने जाने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

होली पर 5 से 7 गुना महंगा हो सकता है किराया

हड़ताल के कारण होली के मौके पर यात्रियों को भारी असुविधा और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ सकता है। बसों के बंद रहने से ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाएगी और निजी टैक्सियों व अन्य ट्रैवल्स वाहनों का सहारा लेना पड़ेगा। अनुमान है कि ऐसे में किराया सामान्य से 5 से 7 गुना तक बढ़ सकता है। उदाहरण के लिए, भोपाल से होशंगाबाद का 100 रुपये का सामान्य बस किराया बढ़कर कैब में प्रति व्यक्ति 500 से 600 रुपये या उससे अधिक हो सकता है।

परिवहन मंत्री का आश्वासन

दूसरी ओर, प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान कहा कि नई परिवहन नीति से बस ऑपरेटरों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस और कंडक्टर उनके ही रहेंगे, सिर्फ सुपरविजन सरकार का होगा। मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में अभी 14 हजार बसें चल रही हैं, जबकि 16 हजार बसों की आवश्यकता है, ऐसे में किसी के हितों का हनन नहीं किया जाएगा।

ऑपरेटर्स की आगे की रणनीति

बस ऑपरेटर्स 'मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा योजना' लागू होने से पहले ही इसका विरोध कर रहे हैं। रविवार को सागर के कर्रापुर में प्रदेशभर के बस ऑपरेटरों का एक सम्मेलन भी आयोजित किया गया था, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। ऑपरेटर्स अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं और सरकार से नीति पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं।

Bhavanesh Soni

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