एमपी में फूड कंपनी डायरेक्टर किशन मोदी गिरफ्तार: फर्जी रिपोर्ट से कमाए ₹20.59 करोड़
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल ने डेयरी उत्पादों के निर्यात में कथित फर्जीवाड़े के मामले में जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर किशन मोदी को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी के मुताबिक, कंपनी ने फर्जी लैब परीक्षण रिपोर्टों के आधार पर डेयरी उत्पादों का निर्यात किया और इस तरीके से करीब ₹20.59 करोड़ की विदेशी मुद्रा अर्जित की।
फर्जी लैब रिपोर्टों के जरिए निर्यात का खुलासा
ईडी की जांच में यह सामने आया कि मिल्क मैजिक ब्रांड के डेयरी उत्पाद बनाने वाली जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स घी, पनीर, मक्खन सहित अन्य डेयरी उत्पादों का निर्यात करती थी। निर्यात प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कंपनी ने इंदौर स्थित निर्यात निरीक्षण एजेंसी से कथित फर्जी लैब परीक्षण रिपोर्टें हासिल कीं। इन्हीं फर्जी रिपोर्टों के आधार पर इन उत्पादों को विदेश भेजा गया और बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित की गई।
मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई और न्यायिक हिरासत
एजेंसी ने इस तरीके से प्राप्त ₹20.59 करोड़ की आय को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) माना है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी किशन मोदी को भोपाल स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उन्हें विस्तृत पूछताछ के लिए 18 मार्च तक ईडी रिमांड पर भेज दिया है। मामले में अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
मामले का विस्तृत घटनाक्रम और पूर्व के खुलासे
इस मामले में 29 अगस्त 2023 को भोपाल के हबीबगंज थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके आधार पर 22 जुलाई 2024 को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। इस मामले में ईडी पहले भी कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। उसी दौरान किशन मोदी की पत्नी द्वारा जहर खाने की घटना ने इस मामले को और भी अधिक चर्चा में ला दिया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और पांच अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए थे। किशन मोदी ने भी पूर्व पार्टनर्स पर दबाव बनाने और 80 करोड़ के गबन का आरोप लगाया है, जिसमें चिराग पासवान के जीजा का नाम भी शामिल है। ईडी का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
Vivek Singh