मथुरा में फरसा बाबा की मौत पर बागेश्वर महाराज भड़के, बोले- सनातन के लिए बोलोगे तो मारे जाओगे

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मथुरा में फरसा बाबा की मौत पर बागेश्वर महाराज भड़के, बोले- सनातन के लिए बोलोगे तो मारे जाओगे

मथुरा में फरसा बाबा की मौत पर बागेश्वर महाराज का बयान

मथुरा में फरसा वाले बाबा उर्फ साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की मौत पर बागेश्वर महाराज धीरेंद्र शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने फरसा वाले बाबा की हत्या में शामिल दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।

बागेश्वर महाराज ने फरसा बाबा को गोरक्षक बताया और न्याय की मांग की

बागेश्वर महाराज, जो इन दिनों माता रानी की साधना में लीन हैं, ने शनिवार शाम भक्तों को दर्शन देते समय इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने फरसा बाबा को एक समर्पित गोरक्षक बताया और कहा कि वे गो तस्करी रोकने के लिए सीधे तौर पर लड़ते थे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सरकार से इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को फांसी की सजा देने की अपील की।

"सनातन के लिए बोलोगे तो मारे जाओगे"

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यदि सनातनियों पर इस प्रकार उंगलियां उठेंगी, तो कोई हिंदुत्व के लिए लड़ने के लिए आगे नहीं आएगा। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस देश में सबसे बड़ा अपराध यह होने लगा है कि यदि आप हिंदू, हिंदुत्व या सनातन के लिए बोलेंगे, तो आपको मार दिया जाएगा। बागेश्वर महाराज ने यह भी बताया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और षड्यंत्र किए जा रहे हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि हिंदुत्व और सनातन के लिए जीने वाले लोगों का समर्थन किया जाना चाहिए, और यदि लोग स्वयं लड़ नहीं सकते तो कम से कम खड़े होकर उनका साथ दें।

बाबा की मौत की दो अलग-अलग थ्योरी सामने आईं

पहली थ्योरी: साथियों ने गोतस्करों द्वारा हत्या का आरोप लगाया

बाबा के साथियों और शिष्यों ने पहली थ्योरी बताई। उनके मुताबिक, बरसाना के आजनौंख गांव में गोशाला चलाने वाले फरसा वाले बाबा को सूचना मिली कि कोसी में नेशनल हाईवे पर एक ट्रक में गोवंश को भरकर ले जाया जा रहा है। इस पर बाबा दो शिष्यों के साथ बाइक से निकल गए। वे जब कोसी में नेशनल हाईवे पर बठन गेट इलाके में पहुंचे तो वहां गोवंश ले जाता ट्रक दिखाई दिया। बाबा ने जब ट्रक को रुकवाने का प्रयास किया तो गोतस्करों ने ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी। करीब 7 किलोमीटर पीछा कर बाबा कोटवन चौकी क्षेत्र स्थित नवीपुर गांव पर पहुंचे। उन्होंने ट्रक को ओवरटेक कर बाइक से उतरे और ट्रक के सामने खड़े हो गए। इस दौरान ट्रक ने रफ्तार बढ़ा दी। बाबा ने दोनों साथियों को धक्का देकर किनारे कर दिया, लेकिन खुद ट्रक के नीचे आ गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। साथी शव लेकर आजनौंख पहुंचे, जहां पंचायत हुई और हाईवे जाम करने का फैसला लिया गया।

दूसरी थ्योरी: पुलिस ने सड़क हादसा बताया

बाबा की मौत मामले में बवाल के करीब 2 घंटे बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से बयान जारी किया गया। बताया गया कि सुबह 4 बजे हरियाणा सीमा थाना क्षेत्र कोसी पर वाहन में गोवंश होने की सूचना मिली थी। फरसा वाले बाबा अपने शिष्यों के साथ नागालैंड नंबर के कंटेनर को रोककर चेकिंग कर रहे थे। कंटेनर में साबुन, फिनाइल, शैंपू भरा था। घने कोहरे की वजह से राजस्थान नंबर के तेल से भरे ट्रक ने कंटेनर को पीछे से टक्कर मार दी। इसकी चपेट में आने से बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक चालक भी घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि लोगों की तरफ से भ्रामक सूचना के कारण जाम और पथराव की घटना हुई। लोगों को समझाया गया और आश्वासन दिया गया कि घटना के संबंध में हर पहलू की जांच की जाएगी, और लोगों के आरोपों की भी जांच करेंगे।

Sachin Saxena