मुख्यमंत्री ने बताया विकास का विजन
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने अपने विकास के विजन और सरकार की प्राथमिकताओं को अफसरों के सामने रखा। उन्होंने धार्मिक स्थलों के विकास और शहरी योजनाओं पर विशेष जोर दिया।
धार्मिक स्थलों का मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर और चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन इनका अभी तक समुचित विकास नहीं हुआ है। उन्होंने इन स्थलों के लिए अलग मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया।
हर नागरिक को पक्का घर
मुख्यमंत्री ने 2047 तक प्रदेश की सौ फीसदी आबादी को पक्का घर उपलब्ध कराने के विजन पर जोर दिया। उन्होंने शहरों के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और गीता भवनों को आधुनिक टाउन हॉल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम करने को कहा।
प्रमुख प्रदर्शन का आकलन
अलग-अलग जिलों के प्रदर्शन का आकलन किया गया। बालाघाट, झाबुआ, और मंदसौर जैसे जिलों ने मातृ शिशु स्वास्थ्य में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि दमोह और सीधी कमजोर रहे। गैर संचारी रोगों पर नियंत्रण और जमीन के सीमांकन में भी जिलों की रैंकिंग दी गई।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री ने अफसरों को हर क्षेत्र में सुधार लाने के लिए समय-सीमा निर्धारित करने और योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया।