NEET UG परीक्षा: बायोमेट्रिक फेल होने पर भी मिलेगी एंट्री, सख्त गाइडलाइन लागू
NEET UG 2026 परीक्षा रविवार, 3 मई को आयोजित की जाएगी। भोपाल में 33 परीक्षा केंद्रों पर करीब 14 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 से 5 बजे तक होगी। केंद्रों में प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जबकि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी।
समय का ध्यान और तैयारी
अभ्यर्थियों को समय का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि परीक्षार्थी अंतिम समय तक इंतजार करने के बजाय पहले ही केंद्र पर पहुंचें। साथ ही, परीक्षा से एक दिन पहले केंद्र का भ्रमण कर लेने की सलाह भी दी गई है, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो।
परीक्षा सामग्री और मोड
परीक्षार्थी केवल एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, काला बॉल पेन और पारदर्शी पानी की बोतल ही साथ ले जा सकेंगे। एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों का पालन अनिवार्य रहेगा। परीक्षा ऑफलाइन मोड (पेन-पेपर) में आयोजित की जाएगी।
बायोमेट्रिक सत्यापन और अपवाद
प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया है। हालांकि, मशीन खराब होने, नेटवर्क समस्या, UIDAI से कनेक्टिविटी फेल होने या किसी शारीरिक कारण से यदि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं हो पाता है, तब भी अभ्यर्थी को लिखित अंडरटेकिंग (घोषणा पत्र) देने पर परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। NTA की नई गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए परेशान नहीं किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी (PwD/PwBD) उम्मीदवारों के लिए यह छूट शाम 6:00 बजे तक प्रभावी है।
ड्रेस कोड और सुरक्षा
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए ड्रेस कोड लागू है। केवल हल्के और हाफ स्लीव कपड़े पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों को ही अनुमति दी जाएगी। जूतों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, जबकि चप्पल या सैंडल पहनने की अनुमति होगी। सुरक्षा जांच को आसान बनाने और किसी भी तरह की अनुचित सामग्री की एंट्री रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
केंद्र के बाहर व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों के बाहर भी सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। अभ्यर्थियों के परिजनों को परीक्षा केंद्र से 100 मीटर पहले ही रोक दिया जाएगा। इससे केंद्र के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी। अभ्यर्थियों के बैग और अन्य सामान भी केंद्र से 100 मीटर दूर ही रखवाने की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य व्यवस्थाएं
गर्मी और संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे शहर में 66 मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है, जिसमें प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक डॉक्टर और एक पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहेगा। 108 एम्बुलेंस सेवाओं को क्विक रिस्पॉन्स मोड में रखा गया है। सभी केंद्रों पर आवश्यक दवाएं, उपकरण और ओआरएस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
समन्वय और पारदर्शिता
परीक्षा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए प्रत्येक केंद्र पर दो-दो इंटर्न डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। जोन स्तर पर भी मेडिकल टीमों का गठन किया गया है जो विभिन्न केंद्रों के बीच समन्वय बनाए रखेंगी। पिछले वर्षों में सामने आए परीक्षा विवादों को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं।
Arvind Vishwakarma