नेहरू-इंदिरा पर आपत्तिजनक बयान से गरमाई संसद, विपक्ष का भारी बवाल

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नेहरू-इंदिरा पर आपत्तिजनक बयान से गरमाई संसद, विपक्ष का भारी बवाल

लोकसभा में नेहरू-इंदिरा पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से हंगामा

नई दिल्ली: आज लोकसभा में उस समय खूब हंगामा हुआ जब धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे छह किताबें लेकर सदन में आए। उन्होंने इन किताबों का हवाला देते हुए पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इन टिप्पणियों से विपक्षी सांसद आक्रोशित हो गए और सदन में भारी हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

विपक्ष का आक्रोश और स्पीकर की भूमिका

निशिकांत दुबे ने जवाहरलाल नेहरू को 'अ..... प्रधानमंत्री' कहा और 'इंदिरा गांधी जॉन मथाई ... संबंधों' का जिक्र किया। इन आपत्तिजनक बयानों के दौरान पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन दुबे लगातार बोलते रहे। विपक्षी सांसदों ने निशिकांत दुबे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने इस संबंध में स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और अपनी शिकायत दर्ज कराई। स्पीकर ने विपक्षी सांसदों से मामले की लिखित शिकायत देने को कहा है।

निशिकांत दुबे यहीं नहीं रुके, उन्होंने शाम को अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जवाहरलाल नेहरू की जनरल करियप्पा को लिखी एक चिट्ठी भी पोस्ट की। इसके साथ उन्होंने लिखा, "कुछ कहूंगा तो बबाल हो जाएगा, कांग्रेस की लंका में आग लग जाएगी? नेहरु-गांधी परिवार जानी दुश्मन हो जाएगा?"

प्रियंका गांधी का पलटवार और नियमों पर सवाल

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मोदी सरकार सदन को बाधित करना चाहती है, तो निशिकांत दुबे को बोलने के लिए खड़ा कर देती है। प्रियंका गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि जहां नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद में एक प्रकाशित किताब से कुछ उद्धृत नहीं करने दिया गया, वहीं निशिकांत दुबे छह किताबें लेकर आए, उन्हें दिखाया और उनमें से उद्धृत भी किया, लेकिन उनका माइक बंद नहीं किया गया।

प्रियंका ने दावा किया कि मोदी सरकार यह दिखाना चाहती है कि संसद में केवल उन्हीं की चलती है। उन्होंने इसे लोकसभा अध्यक्ष पद, संसद, लोकतंत्र और देश की जनता का निरादर बताया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष पूरे विपक्ष के प्रतिनिधि हैं, और उन्हें बोलने से रोकना करोड़ों लोगों की आवाज दबाने जैसा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एक तरफ नेता प्रतिपक्ष को रोका जाता है, वहीं दूसरी तरफ 'फिजूल की बातें' बोलने दी जाती हैं। उन्होंने इसे 'सनक' करार दिया जिससे देश का ध्यान भटकाया जा रहा है।

Janmejay Chaturvedi