बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में खराबी: ब्रिटिश अथॉरिटी ने एअर इंडिया से मांगा जवाब
लंदन में उड़ान भरने से ठीक पहले एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में आई तकनीकी गड़बड़ी अब एक अंतरराष्ट्रीय जांच का मामला बन गई है। ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने इस मामले पर एअर इंडिया से एक हफ्ते के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
ब्रिटिश CAA ने उठाया सवाल
यह विमान रविवार को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बेंगलुरु आया था। पायलट ने लैंडिंग के समय विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) में संभावित खराबी की सूचना दी थी। विमान में 200 यात्री सवार थे। ब्रिटेन की CAA ने एअर इंडिया को लिखे पत्र में सख्त रुख अपनाते हुए पूछा है कि जब फ्यूज कंट्रोल स्विच में समस्या देखी गई थी, तो विमान को लंदन से उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई?
CAA ने चेतावनी दी है कि यदि भारतीय एयरलाइन कंपनी से पूरा और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एअर इंडिया और उसके बोइंग 787 बेड़े के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वर्तमान में एअर इंडिया के बेड़े में बोइंग 787 मॉडल के 33 विमान हैं, जिनमें से 28 ऑपरेशनल हैं।
एअर इंडिया का जवाब और DGCA की जांच
एअर इंडिया ने बुधवार को इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि उसने अपने सभी ऑपरेशनल बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच की एहतियाती जांच पूरी कर ली है और किसी भी विमान में कोई तकनीकी समस्या नहीं पाई गई है।
दूसरी ओर, भारतीय विमानन नियामक DGCA की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच के संचालन में "अपेरेंटली करेक्ट प्रोसिड्योर" का पालन नहीं हुआ। DGCA ने एअर इंडिया को निर्देश दिया है कि सभी क्रू मेंबर्स को सही ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
पहले भी हुआ था ऐसा हादसा
यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ही क्रैश हुआ था। उस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन की सप्लाई कट गई थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि क्रैश होने से पहले विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए गए थे। इसके बाद DGCA ने 12 जुलाई 2025 को सभी एयरलाइनों को अपने विमानों में फ्यूल स्विच सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था।
फ्यूल कंट्रोल स्विच का काम और तकनीक
फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। इनका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (रन पोजिशन) या बंद करना (कटऑफ पोजिशन) है। हर इंजन के लिए एक अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग-787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे।
रन पोजिशन में स्विच होने पर फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू होती है, जिससे इंजन चालू रहता है। कटऑफ पोजिशन पर स्विच करने पर फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है, जिससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है। ये स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स की आवश्यकता होती है - पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना और रिलीज करना। यह कोई सामान्य स्विच नहीं है जो गलती से धक्का लगने से दब जाए।
Amit Pateria