नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल को बड़ी राहत, दिल्ली कोर्ट ने ED शिकायत खारिज

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नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल को बड़ी राहत, दिल्ली कोर्ट ने ED शिकायत खारिज

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोनिया-राहुल को राहत

दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पांच अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत खारिज कर दी। अदालत ने इन सभी के खिलाफ संज्ञान लेने से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 200 के तहत दायर निजी शिकायत से जुड़ा है, न कि किसी प्राथमिकी (FIR) पर आधारित।

कोर्ट ने क्यों खारिज की ED की शिकायत

राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने आदेश में कहा कि यह मामला किसी FIR के आधार पर नहीं, बल्कि एक व्यक्ति की निजी शिकायत पर आधारित है। इस कारण प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED की ओर से दायर शिकायत इस स्तर पर विचार योग्य नहीं मानी गई।

अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) पहले ही इस मामले में FIR दर्ज कर चुकी है, ऐसे में ED की मौजूदा दलीलों पर अंतिम फैसला देना जल्दबाजी और गलत होगा।

ED को आगे दलीलें पेश करने की छूट

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस द्वारा FIR दर्ज किए जाने और ED द्वारा जांच जारी होने की बात रखने के मद्देनज़र, ED चाहे तो आगे चलकर मामले में अतिरिक्त या नई दलीलें पेश कर सकती है। यानी एजेंसी के लिए भविष्य में कानूनी विकल्प खुले रखे गए हैं।

नेशनल हेराल्ड केस की पृष्ठभूमि

नेशनल हेराल्ड मामला भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से जुड़ा है। स्वामी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार और उससे जुड़ी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा किया।

स्वामी का आरोप था कि कांग्रेस नेताओं ने यह उद्देश्य पूरा करने के लिए यंग इंडियन लिमिटेड नाम की संस्था बनाई, जिसकी अधिकतर हिस्सेदारी गांधी परिवार के पास है। आरोप के अनुसार, यंग इंडियन के जरिए AJL का अवैध अधिग्रहण किया गया।

शिकायत में कहा गया कि दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की इमारत सहित कंपनी की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यह सौदा किया गया और लगभग 2,000 करोड़ रुपये की कंपनी को केवल 50 लाख रुपये में हासिल किया गया।

इस मामले में आरोपियों में सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी के नाम भी शामिल हैं। आरोपियों की सूची में शामिल मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की अब मृत्यु हो चुकी है।

सुब्रमण्यम स्वामी की आपराधिक मुकदमे की मांग

सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल कर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के आरोपों के आधार पर आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। उनका आरोप था कि नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर नियंत्रण पाने के लिए यह पूरी संरचना बनाई गई।

ED की पूछताछ और जांच

नेशनल हेराल्ड मामले में ED ने 2022 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी से लंबी पूछताछ की। राहुल गांधी से 13 जून 2022 से 17 जून 2022 तक लगातार पांच दिनों में कई चरणों में करीब 50 घंटे पूछताछ हुई।

सोनिया गांधी से 21 जुलाई 2022 से पूछताछ शुरू हुई और तीन दिनों में विभिन्न चरणों के दौरान लगभग 12 घंटे सवाल-जवाब हुए। ED ने इस अवधि में उनसे 100 से अधिक सवाल पूछे।

2025 में संपत्तियों पर कार्रवाई

साल 2025 में इस मामले को लेकर छह अहम सुनवाई हुईं। अप्रैल 2025 में ED ने 661 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए नोटिस जारी किया। एजेंसी ने PMLA की धारा 8 और नियम 5(1) के तहत संबंधित संपत्ति रजिस्ट्रार को आवश्यक दस्तावेज सौंपे और संपत्तियां खाली करने की मांग की।

इन अचल संपत्तियों के अलावा, ED ने नवंबर 2023 में AJL के 90.2 करोड़ रुपये के शेयरों को भी कुर्क किया था, ताकि कथित अपराध से अर्जित कमाई को सुरक्षित रखा जा सके और आरोपी पक्ष को इसे नष्ट या स्थानांतरित करने से रोका जा सके।

ED ने मुंबई के बांद्रा स्थित हेराल्ड हाउस की सातवीं, आठवीं और नौवीं मंजिल पर दफ्तर रखने वाली जिंदल साउथ वेस्ट प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को भी नोटिस भेजा, जिसमें कहा गया कि वह हर महीने दिया जाने वाला किराया ED के निदेशक के पक्ष में ट्रांसफर करे।

अदालती फैसले का वर्तमान असर

दिल्ली की अदालत द्वारा ED की शिकायत खारिज किए जाने से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों को तत्काल राहत मिली है। हालांकि, चूंकि FIR और ED की जांच दोनों जारी हैं, इसलिए भविष्य में एजेंसी द्वारा नए सिरे से कानूनी कदम उठाने की संभावना बनी हुई है। नेशनल हेराल्ड केस से जुड़ी कानूनी कार्यवाही आगे भी अदालतों में जारी रहने की संभावना है।

Navjeet Kaur