नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन पर जदयू कार्यकर्ताओं में आक्रोश, पीएम मोदी के पोस्टर पर पोती कालिख
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन करने के फैसले के बाद से जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ता गुस्से में हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह एक साजिश है, जिसके कारण पटना में जदयू कार्यालय के बाहर लगातार प्रदर्शन जारी हैं। शुक्रवार को प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कालिख पोती।
राजधानी पटना में विभिन्न स्थानों पर विरोध स्वरूप पोस्टर भी लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा है, "नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर विचार।" यह नारा कार्यकर्ताओं की नाराजगी और उनके नेताओं से निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुलाई महत्वपूर्ण बैठक
इन विरोध प्रदर्शनों के बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शाम 5 बजे जदयू के सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक स्थिति और पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर चर्चा होने की संभावना है। इसी क्रम में, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बारी-बारी मुलाकात की है।
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की प्रतिक्रियाएं
नामांकन से पहले, नीतीश कुमार ने अपने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा था कि उनका संसदीय जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों के सदस्य बनें। उन्होंने इस बार राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा जताई थी और बिहार की नई सरकार को पूरा समर्थन देने की बात भी कही थी।
इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के नामांकन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार में भाजपा ने 'महाराष्ट्र मॉडल' लागू किया है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने नीतीश कुमार को इतना प्रताड़ित किया कि उन्हें पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अपनी सहयोगी पार्टियों को खत्म कर देती है और उसने नीतीश कुमार को 'हाईजैक' कर लिया है। बिहार की राजनीतिक हलचल जारी है और आगामी बैठकें इसके भविष्य की दिशा तय कर सकती हैं।
Gulzar Ahmad