निशांत कुमार आज लेंगे JDU की सदस्यता, MLC या डिप्टी सीएम बनने की अटकलें तेज
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार रविवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बिहार के राजनीतिक गलियारों में कई अटकलें लगाई जा रही हैं, जिनमें उनके विधान परिषद सदस्य (MLC) बनने या नई सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद संभालने की संभावना प्रमुख है।
जदयू प्रदेश कार्यालय में होगा सदस्यता समारोह
निशांत कुमार का सदस्यता समारोह रविवार को दिन में एक बजे जदयू प्रदेश कार्यालय, पटना में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सहित पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रहेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी को लेकर अभी संशय बना हुआ है।
राजनीतिक भविष्य और पार्टी की रणनीति
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि निशांत कुमार को जदयू में शामिल करने के बाद उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया जा सकता है, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की भी संभावना है। निशांत के जदयू में शामिल होने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी और शहर में कई बार इस आशय के होर्डिंग्स भी देखे गए थे। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास में विधायकों के साथ हुई नीतीश कुमार की बैठक में निशांत के राजनीति में आने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली थी। इसके बाद कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के आवास पर हुई जदयू विधायकों की एक बैठक में निशांत भी मौजूद थे, जहां उनके पार्टी में शामिल होने के स्वरूप पर विमर्श हुआ। मंत्री श्रवण कुमार और जदयू नेता संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी भी इस बैठक में शामिल हुए।
निशांत की बिहार यात्रा की योजना
जदयू की योजना है कि निशांत कुमार को पूरे बिहार के जिलों की यात्रा कराई जाए। संभवतः उनकी यह यात्रा पश्चिमी चंपारण जिले से शुरू होगी। इस यात्रा का उद्देश्य नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बने असमंजस को दूर करना है। निशांत नियमित रूप से नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों और युवाओं के लिए हुए फैसलों की चर्चा मीडिया के साथ करते रहे हैं। पहले यह चर्चा थी कि निशांत हरनौत विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे, जो लंबे समय से जदयू की सीट रही है, लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि वह हरनौत से चुनाव लड़ने के बजाय विधान परिषद का रास्ता अपनाएंगे।
Gulzar Ahmad