न्यू स्टार्ट संधि पर रूस का बड़ा ऐलान

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न्यू स्टार्ट संधि  पर रूस का बड़ा ऐलान

न्यू स्टार्ट संधि पर रूस का बड़ा ऐलान

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को घोषणा की कि रूस न्यू स्टार्ट संधि की प्रमुख सीमाओं का पालन 5 फरवरी 2026 तक जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि परिस्थितियों के आधार पर इस प्रतिबद्धता को एक वर्ष तक और बढ़ाया जा सकता है। पुतिन ने अमेरिका से भी इसी तरह का कदम उठाने की अपेक्षा जताई, ताकि वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों की दौड़ को रोका जा सके।

न्यू स्टार्ट संधि का महत्व

यह संधि मूल रूप से 2010 में हस्ताक्षरित हुई थी और 2021 में इसे पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया था। संधि के तहत, रूस और अमेरिका को अपने परमाणु हथियारों और मिसाइलों की संख्या सीमित रखनी है। इसकी अवधि फरवरी 2026 में समाप्त हो रही है।

यूक्रेन संकट के बीच आया यह बयान

पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन संकट और वैश्विक जटिलताओं के चलते परमाणु नियंत्रण को लेकर चर्चा तेज हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस हथियारों की होड़ में शामिल नहीं होना चाहता और रणनीतिक स्थिरता बनाए रखना चाहता है।

पुतिन ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अमेरिकी गतिविधियों पर करीबी नजर रखें, विशेष रूप से रणनीतिक हमले वाले हथियारों के संबंध में। उन्होंने यह भी साफ किया कि रूस की यह प्रतिबद्धता तभी कायम रहेगी जब अमेरिका भी ऐसा ही करेगा और कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगा जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा संतुलन बिगड़े।

भविष्य की संभावनाएं

पुतिन ने संकेत दिया कि 2026 के बाद रूस परिस्थितियों की समीक्षा करेगा और तभी निर्णय लेगा कि इन स्व-लागू प्रतिबंधों को जारी रखना है या नहीं। यह कदम वैश्विक सुरक्षा और परमाणु हथियार नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

अंततः, यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका और अन्य संबंधित पक्ष इस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।