पाकिस्तानी वायुसेना का खैबर पख्तूनख्वा में हवाई हमला
रविवार रात पाकिस्तानी वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के तिराह घाटी के एक गांव पर हवाई हमला किया। इस दौरान चीन में बने जे-17 विमानों का इस्तेमाल करते हुए आठ लेजर-गाइडेड बम गिराए गए।
30 नागरिकों की मौत, महिलाएं और बच्चे शामिल
इस हमले में करीब 30 लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना के कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन उनकी पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
सेना ने TTP को ठहराया जिम्मेदार
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, यह हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बम बनाने वाले ठिकाने को निशाना बनाकर किया गया था। स्थानीय पुलिस ने बताया कि TTP के दो कमांडर, अमान गुल और मसूद खान, बम बनाकर मस्जिदों में छिपा रहे थे।
आरोप: आम नागरिकों को बनाया निशाना
इलाके के लोगों ने सेना और सरकार पर बिना पुख्ता जानकारी के हमले करने का आरोप लगाया है, जिससे निर्दोष नागरिक मारे जा रहे हैं। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है और सरकार को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम बताया है।
पाकिस्तान और TTP के बीच संघर्ष
2022 से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने देश पर हमले तेज कर दिए हैं। नवंबर 2022 में TTP ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर खत्म कर दिया था, जिसके बाद से संघर्ष बढ़ता जा रहा है।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार, पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश है। रिपोर्ट में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान को सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके बताया गया है।
निष्कर्ष
यह हमला पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद और सुरक्षा संकट का एक और उदाहरण है। सरकार और सेना को जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए पारदर्शिता और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।