ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना की बड़ी सफलता, पाकिस्तान को करारा जवाब

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ऑपरेशन सिंदूर  में भारतीय वायुसेना की बड़ी सफलता, पाकिस्तान को करारा जवाब

ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय वायुसेना की बड़ी कामयाबी

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शुक्रवार को पाकिस्तान के भारत के जेट गिराने के दावों को खारिज करते हुए इसे मनोहर कहानियां बताया। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान के पास इस बात के सबूत हैं, तो उन्हें दिखाना चाहिए। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पांच पाकिस्तानी फाइटर जेट, जिनमें F16 और J17 शामिल हैं, को नष्ट किया।

ऑपरेशन सिंदूर की प्रमुख बातें

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 300 किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकियों पर हमला किया। यह कार्रवाई पहलगाम अटैक के बाद की गई, जिसमें यह तय किया गया कि पाकिस्तान को इसकी कीमत चुकानी होगी। भारतीय सेना को इस मिशन के लिए खुली छूट दी गई थी, और उसने सटीकता से हमला करते हुए अपने लक्ष्य को पूरा किया।

यह ऑपरेशन 7 मई को रात डेढ़ बजे शुरू हुआ, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसमें लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था। इस हमले में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया।

भारतीय सैन्य नेतृत्व की भूमिका

एयर चीफ मार्शल ने बताया कि ऑपरेशन की सफलता में राजनीतिक इच्छाशक्ति और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) के पद ने इस ऑपरेशन में बड़ी भूमिका निभाई। यह एक उच्च तकनीक वाला युद्ध था, जो लगभग 80 से 90 घंटे चला। इस दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुँचाया, जिससे वह युद्धविराम के लिए मजबूर हुआ।

पाकिस्तानी दावों पर प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने भारतीय फाइटर जेट गिराए, लेकिन वायुसेना प्रमुख ने इसे सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि कितने विमान गिरे, बल्कि यह है कि वे क्यों गिरे। इस संदर्भ में, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने सिंगापुर में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि पाकिस्तान को इस संघर्ष से सबक लेना चाहिए।

निष्कर्ष

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की शानदार योजना और सटीक क्रियान्वयन का परिणाम है। इस मिशन ने न केवल पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुँचाया, बल्कि भारतीय सेना की ताकत और संकल्प को भी प्रदर्शित किया। वायुसेना प्रमुख के अनुसार, यह ऑपरेशन भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।