पाकिस्तान पर अफगानिस्तान का पलटवार: 15 चौकियों पर कब्जे का दावा, तनाव चरम पर

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पाकिस्तान  पर  अफगानिस्तान  का पलटवार: 15 चौकियों पर कब्जे का दावा, तनाव  चरम  पर

अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर हमला: 15 चौकियों पर कब्जे का दावा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। खबर है कि अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी सेना की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया है। सूत्रों ने टोलोन्यूज को बताया कि नंगरहार, नूरिस्तान, कुनार, खोस्त, पक्तिया और पक्तिका जैसे सीमावर्ती इलाकों में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष जारी है। ये चौकियां नंगरहार के गोश्ता जिले और कुनार प्रांत में डूरंड लाइन के पास स्थित हैं। हालांकि, अभी तक इससे जुड़े फोटो और वीडियो सामने नहीं आए हैं। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान के हवाई हमलों का सैन्य तरीके से जवाब दिया जा रहा है।

पाकिस्तान ने पहले किए थे हवाई हमले

यह घटना कुछ दिन पहले पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अंदर किए गए हवाई हमलों के जवाब में हुई है। पाकिस्तान का दावा था कि ये हमले पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर किए गए थे। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने इन कार्रवाइयों को खुफिया जानकारी पर आधारित बताया था और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी ऐसे ऑपरेशन जारी रखने की बात कही थी। इससे पहले, रविवार तड़के पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें TTP के कम से कम 70 से 80 लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया था।

अफगानिस्तान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की थी और तालिबान ने कहा था कि हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, नंगरहार में एक घर पर हमले के बाद एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे। अफगान रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था और 'सही समय पर कड़ा जवाब' देने की चेतावनी दी थी।

पाकिस्तान में हुए हमलों से बढ़ा था तनाव

पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान सरकार पर दबाव डालता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से संचालित हो रहे हैं, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। पाकिस्तान में हाल के कई आतंकी हमलों ने सीमा पर तनाव को और बढ़ा दिया था। एयरस्ट्राइक से कुछ घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में सुरक्षा काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें दो सैनिक मारे गए थे। 16 फरवरी को बाजौर में हुए एक हमले में 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत हुई थी, जिसमें हमलावर को अफगान नागरिक बताया गया था। इससे पहले 6 फरवरी को इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।

डूरंड लाइन को लेकर पुराना विवाद

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। दोनों देश अक्सर एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से यह तनाव और भी बढ़ गया है। अक्टूबर में भी सीमा पर हुई हिंसक झड़पों में दोनों तरफ के सैनिकों और नागरिकों की मौत के बाद रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए थे, जिसके बाद कतर की मध्यस्थता से संघर्ष विराम हुआ था, लेकिन कोई औपचारिक समझौता नहीं हो सका था।

Adarsh Chaurasiya