8वें वेतन आयोग: कर्मचारियों को जल्द मिल सकता है अपनी पेंशन चुनने का विकल्प
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए आने वाले कुछ महीने काफी अहम हो सकते हैं। 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब पेंशन सिस्टम में बड़े बदलाव की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार कर्मचारियों को पेंशन चुनने का विकल्प दे सकती है। यानी आने वाले समय में कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) जैसे विकल्पों में से अपनी जरूरत के हिसाब से चुनाव कर सकते हैं।
कर्मचारी संगठनों की मांगें
8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के दौरान कर्मचारी संगठन लगातार पेंशन सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं। कई कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा NPS पूरी तरह बाजार से जुड़ा हुआ है। यानी रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। इससे कई कर्मचारियों में भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती है। इसी वजह से अब निश्चित पेंशन यानी तय पेंशन की मांग तेज हो गई है।
क्या मिल सकता है नया विकल्प?
रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार आने वाले 2 से 4 महीनों में कर्मचारियों को पेंशन चुनने का विकल्प देने पर विचार कर रही है। इसमें NPS को जारी रखने का विकल्प, UPS को अपनाने का विकल्प और कुछ मामलों में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) से जुड़े नए नियम शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
UPS क्यों हो रहा चर्चा में?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पिछले कुछ समय से काफी चर्चा में है। UPS के तहत 25 साल की सेवा पूरी करने पर अंतिम बेसिक सैलरी का 50% तक निश्चित पेंशन मिल सकती है। महंगाई राहत भी मिलेगा। कम से कम ₹10,000 मासिक पेंशन का प्रावधान है। परिवार पेंशन की सुविधा भी शामिल है। इसी वजह से कई कर्मचारी UPS को OPS और NPS के बीच का संतुलित मॉडल मान रहे हैं। VRS वालों को भी राहत मिल सकती है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को लेकर भी चर्चा चल रही है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि जो कर्मचारी लंबे समय तक सेवा देने के बाद VRS लेते हैं, उन्हें पेंशन के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े। कुछ प्रस्तावों में यह भी कहा जा रहा है कि 25 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को VRS के बाद भी निश्चित पेंशन का लाभ मिल सके।
कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। NPS में पेंशन बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, रिटर्न तय नहीं होता और महंगाई बढ़ने पर चिंता और बढ़ जाती है। वहीं कर्मचारी चाहते हैं कि सिस्टम ऐसा हो जिसमें तय पेंशन मिले, महंगाई से सुरक्षा मिले और भविष्य की आर्थिक स्थिरता बनी रहे।
8वें वेतन आयोग में पेंशन है बड़ा मुद्दा
पहले वेतन आयोगों में मुख्य चर्चा वेतन बढ़ोतरी और भत्तों पर होती थी। लेकिन इस बार पेंशन और रिटायरमेंट सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा बन गया है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि सरकार लंबे समय की आर्थिक स्थिरता पर ज्यादा ध्यान दे।
आगे क्या?
रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले 2-4 महीनों में इस मुद्दे पर बड़ा अपडेट आ सकता है। फिलहाल कर्मचारी संगठन और सरकार के बीच बातचीत जारी है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। अगर कर्मचारियों को पेंशन चुनने का ऑप्शन मिलता है, तो यह लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे रिटायरमेंट प्लानिंग आसान हो सकती है, पेंशन को लेकर अनिश्चितता कम होगी और कर्मचारियों को ज्यादा ऑप्शन मिलेंगे। फिलहाल सभी की नजर सरकार और 8वें वेतन आयोग की अगली बैठकों पर टिकी हुई है।
Vivek Singh