पीएम मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया
पीएम मोदी ने शनिवार को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी की अपनी चुनौतियां और जिम्मेदारियां होती हैं। आने वाला समय इस पीढ़ी के लिए चुनौतीपूर्ण है। अगले 35 साल में छात्रों का काम विकसित भारत का आधार होगा।
छात्रों को पीएम की सीख
पीएम ने कहा कि IIT के कई पूर्व छात्रों ने ऐसी समस्याओं को पहचाना, जिन पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने छात्रों को हमेशा सीखते रहने और सवालों के समाधान खोजने की सलाह दी।
पीएम के संबोधन की मुख्य बातें
पीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह बाबा बागेश्वर नहीं हैं, लेकिन छात्रों के मन में कुछ जरूर चल रहा होगा। उन्होंने कहा कि छात्र अलग-अलग सपने लेकर संस्थान से निकल रहे हैं। दुनिया तेजी से बदल रही है और शिक्षा तथा वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव हो रहा है। तकनीक की रफ्तार के कारण अगले 20-30 साल की दुनिया का अंदाजा लगाना मुश्किल है। बदलाव के साथ चुनौतियां और अवसर दोनों आते हैं। कैंपस लाइफ और असल जिंदगी में अंतर होता है; असल जिंदगी में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है।
पीएम ने कहा कि देश ने गुलामी का दौर देखा; उस पीढ़ी के सामने आजादी हासिल करना सबसे बड़ा लक्ष्य था। आज की पीढ़ी की चुनौतियां और जिम्मेदारियां अलग हैं। उन्होंने कहा कि अगले 35 साल में छात्रों का काम देश की कौन-सी जरूरत पूरी करेगा, यह उन्हें तय करना है।
परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन
पीएम मोदी ने IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित 'परम प्रज्ञा' नामक AI आधारित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटर का रिमोट से उद्घाटन किया। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और रिसर्च में मदद मिलेगी।
भारत में सुपरकंप्यूटर की स्थिति
नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत भारत में अब तक 37 सुपरकंप्यूटर स्थापित किए जा चुके हैं और सभी चालू हैं। ये IIT, IISc, NIT, C-DAC, IISER और अन्य शोध संस्थानों में लगाए गए हैं। इनमें परम सिद्धि, परम प्रवेग, परम शक्ति, परम संगणक, परम सेवा, परम रुद्र, परम ब्रह्मा, परम युक्ति और परम शिवाय शामिल हैं।
दीक्षांत समारोह में 3,000 से ज्यादा छात्र शामिल हुए, जिनमें 587 पीएचडी छात्र भी शामिल हैं। पीएम ने छात्रों को डिग्री दी और मेडल पहनाए।
Bhavanesh Soni