उत्तर प्रदेश: विधानसभा चुनाव से पहले ओवैसी सक्रिय, सपा-कांग्रेस की चिंता बढ़ी

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उत्तर प्रदेश: विधानसभा चुनाव से पहले ओवैसी सक्रिय, सपा-कांग्रेस की चिंता बढ़ी

यूपी चुनाव से पहले ओवैसी की सक्रियता और सपा-कांग्रेस की कोशिशें

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में छह महीने बचे हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने पश्चिमी यूपी के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी सियासी जमीन मजबूत करनी शुरू कर दी है। डेढ़ महीने में ओवैसी ने बहराइच, बिजनौर, सहारनपुर और मुरादाबाद में चार बड़ी जनसभाएं कीं।

2022 के चुनाव में AIMIM का प्रभाव

AIMIM ने 2022 में यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से 97 पर प्रत्याशी उतारे थे। पार्टी का वोट शेयर 0.49% रहा। जिन सीटों पर AIMIM ने फोकस किया, वहां उसे 5,000 से 25,000 तक वोट मिले। कम से कम 7-8 सीटों पर सपा की हार का अंतर AIMIM उम्मीदवार को मिले वोटों से काफी कम था।

किन नेताओं पर सपा-कांग्रेस की नजर है

AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार हाल के दिनों में इंडिया गठबंधन और राहुल गांधी के प्रति नरम रुख दिखाई दिया है। सपा और कांग्रेस की नजर सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर और मेरठ के AIMIM जिलाध्यक्षों पर है। मुरादाबाद, रामपुर और सहारनपुर के जिलाध्यक्षों ने भविष्य को लेकर अनिश्चितता जताई है।

सपा और कांग्रेस का बयान

सपा प्रवक्ता आजम खान ने कहा कि सेक्युलर विचारधारा के लोगों का स्वागत है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि आसिम वकार अगर पार्टी में आते हैं तो अच्छा होगा। पार्टी नेतृत्व गुण-दोष के आधार पर फैसला करता है।

चार जिलों में रैलियां और सपा के विधायक

बहराइच के मटेरा से AIMIM ने शौकत अली को प्रत्याशी घोषित किया। वहां सपा की मारिया शाह विधायक हैं। बिजनौर के नजीबाबाद में ओवैसी ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। वहां सपा के तस्लीम अहमद विधायक हैं। सहारनपुर में आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी और मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया गया। वहां सपा के आशु मलिक और उमर खान विधायक हैं। मुरादाबाद में ओवैसी ने सपा को गठबंधन का खुला ऑफर दिया।

AIMIM ने 2023 शहरी निकाय चुनाव में 5 नगर पालिका/पंचायत अध्यक्ष पद और 77 पार्षद सीटें जीतीं। मेरठ महापौर चुनाव में AIMIM दूसरे नंबर पर रही।

Vivek Singh