ईरान युद्ध पर पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से की चर्चा, एकजुट होकर काम करने का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ईरान युद्ध के मद्देनजर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में उन्होंने सभी राज्यों से 'टीम इंडिया' की तरह मिलकर काम करने और अपनी तैयारियों को मजबूत रखने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और नागरिकों की सुरक्षा है। उन्होंने सप्लाई चेन को सही रखने, जमाखोरी-कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती करने और खाद के स्टॉक व वितरण पर नजर रखने के निर्देश दिए।
सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को नकारा
बैठक से पहले केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सहित तीन मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को गलत बताया। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने भी लॉकडाउन से जुड़ी अफवाहों को पूरी तरह गलत करार दिया। उन्होंने बताया कि देश में पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार है, लगभग दो महीने के लिए ईंधन उपलब्ध है, और सभी रिफाइनरी 100 फीसदी क्षमता से काम कर रही हैं। मंत्रालय के अनुसार, घरेलू एलपीजी उत्पादन में 40% की वृद्धि हुई है और पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं।
मुख्यमंत्रियों ने केंद्र के फैसलों की सराहना की
बैठक के दौरान मुख्यमंत्रियों ने केंद्र के फैसलों की सराहना की और तेल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने व एलपीजी बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त सप्लाई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इस बैठक में आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहे।
पश्चिम एशिया संघर्ष की निगरानी के लिए मंत्री समूह का गठन
केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रियों का एक समूह बनाया है। इसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप पुरी भी शामिल हैं। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल की तरफ से ईरान पर हमले के बाद युद्ध शुरू हुआ था, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले किए। यह युद्ध अब चार हफ्ते से जारी है और इसके जल्द खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर तेल और गैस की कीमतों पर पड़ा है।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए एक बयान के बाद शुरू हुई थीं, जिसमें उन्होंने युद्ध के कारण पैदा होने वाले कठिन हालात के लंबे समय तक बने रहने की आशंका जताई थी। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने चिंता व्यक्त करते हुए कोविड के दौरान हुई पीड़ा को याद दिलाया और सरकार से 140 करोड़ भारतीयों के लिए ऊर्जा संकट, भोजन, उर्वरक और महंगाई के बढ़ते दबाव जैसे संकटों का सामना करने की तैयारी पर सवाल उठाए।
सरकार ने पहले ही कॉमर्शियल एलपीजी कोटा 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया है, जिससे उद्योग, रेस्टोरेंट और ढाबों को प्राथमिकता के आधार पर 30,000 टन एलपीजी सप्लाई की गई है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती भी की है।
Navjeet Kaur