पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की शांति और समुद्री सुरक्षा पर बात

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पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की शांति और समुद्री सुरक्षा पर बात

पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की शांति और समुद्री सुरक्षा पर बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पजशकियान से फोन पर बात कर उन्हें ईद और नवरोज की बधाई दी। उन्होंने इस दौरान पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता स्थापित होने की उम्मीद जताई। पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों की निंदा की और व्यापार के लिए समुद्री रास्तों को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ईरान में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा में मदद के लिए ईरान का धन्यवाद भी किया।

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और उसका प्रभाव

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच पिछले 22 दिनों से जारी जंग से मध्य पूर्व में तनाव गहरा गया है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ये अपने लक्ष्य को भेद नहीं पाईं। ईरान ने इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर भी ड्रोन हमले का दावा किया है, जिसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

युद्ध के परिणामस्वरूप मानवीय क्षति भी हुई है। एक मानवाधिकार समूह की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों में ईरान के 3,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 1,398 आम नागरिक और 210 बच्चे शामिल हैं। हालांकि, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़े 1,444 मौतों और 18,551 घायलों की बात करते हैं। सऊदी अरब ने ईरान की ओर से किए गए हमलों का जवाब देते हुए 22 ड्रोनों को मार गिराया है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ और आर्थिक चुनौतियाँ

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नवरोज के मौके पर ईरान को बधाई दी और मुश्किल समय में रूस के समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने अमेरिका और इजराइल के हमलों को मध्य पूर्व में स्थिति खराब करने वाला और वैश्विक तेल संकट बढ़ाने वाला बताया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में मदद की पेशकश की है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में नाटो सहयोगियों की मदद न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने उन्हें "कायर" कहा और जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को कमजोर करने के अपने लक्ष्यों के करीब है, और युद्ध 4 से 6 हफ्तों में समाप्त हो सकता है। अमेरिका ने ईरान के तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से 30 दिनों के लिए हटाया है ताकि तेल की कीमतों को स्थिर किया जा सके, जिससे भारत और अन्य एशियाई देशों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, इस फैसले की डेमोक्रेटिक नेताओं ने आलोचना की है। दो भारतीय एलपीजी टैंकरों के भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की तैयारी है।

लगातार हमले और क्षेत्रीय तनाव

इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हवाई हमलों की घोषणा की है, जबकि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इजराइल से जुड़े ठिकानों पर 70वीं जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। दक्षिणी लेबनान और इराक में भी इजराइली और ईरान समर्थित समूहों के बीच झड़पें जारी हैं। इन लगातार हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। यूनाइटेड एयरलाइंस के सीईओ ने तेल की कीमतें 175 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की आशंका जताई है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। ईरान के विदेश मंत्री ने युद्धविराम की बजाय युद्ध के पूर्ण अंत की बात कही है।

Gulzar Ahmad