PoK में जेन-जेड का विशाल आंदोलन, शहबाज सरकार पर गहरा संकट
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन अब एक बड़े विरोध में बदल गया है। आंदोलन विश्वविद्यालयों की बढ़ती फीस और परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया के खिलाफ शुरू हुआ था। 30 अक्टूबर को आजाद जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय से भड़की इस चिंगारी ने मुजफ्फराबाद में जोर पकड़ लिया। करीब 500 छात्रों ने प्रशासन भवन की ओर मार्च करते हुए "फीस नहीं, आजादी!" के नारे लगाए।
तनाव और व्यापकता
प्रदर्शनकारियों ने 40 प्रतिशत फीस वृद्धि और कथित रिग्ड ग्रेडिंग सिस्टम पर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेड्स पर पत्थर फेंके गए और सुरक्षाबलों ने आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 47 लोग घायल हुए हैं। आंदोलन अब शिक्षा के अलावा भविष्य और सम्मान की लड़ाई में बदल गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया और प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार पहले से ही आर्थिक संकट और राजनीतिक कलह से जूझ रही है। उन्होंने "फीस माफी समिति" की घोषणा की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे एक चाल बताया। 200 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं, जिनमें छात्र नेता भी शामिल हैं। प्रदर्शन में अब मजदूर, दुकानदार और महिला समूह भी शामिल हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
भारत ने भी इस आंदोलन पर नजर रखी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दमन से स्व-निर्धारण की गूंज तेज होती है। आंदोलन सोशल मीडिया पर "#PoKRevolts" और "#GenZAzadi" जैसे हैशटैग के साथ वैश्विक ट्रेंड बन गया है।
इस आंदोलन की डिजिटल रणनीति सरकार की पुरानी नीतियों से आगे निकल गई है। प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और PoK में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
Vivek Singh