पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन: 'शोला और शबनम', 'आंखें' जैसी फिल्में बनाईं, गोविंदा को दिया था ब्रेक
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और सेंसर बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। कई दिनों से बीमार चल रहे निहलानी ने देर रात अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे थे।
निधन का कारण और सेहत
ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के अनुसार, निहलानी की तबीयत कोविड के बाद से खराब रहने लगी थी, जिससे उनकी किडनी पर असर पड़ा था। IMPAA के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा ने बताया कि वह कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और उनका इलाज चल रहा था।
करियर की उपलब्धियां
पहलाज निहलानी ने 1982 में 'हथकड़ी' से अपने प्रोडक्शन करियर की शुरुआत की। उन्होंने गोविंदा को 'इल्जाम' (1986) से लॉन्च किया, जो हिट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने 'शोला और शबनम' (1992), 'आंखें' (1993), 'अंदाज' (1994) जैसी कई सफल फिल्में बनाईं। 'आंखें' उस दौर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक थी।
गोविंदा के करियर को दिया आकार
निहलानी ने गोविंदा को दो बड़ी हिट फिल्में 'शोला और शबनम' और 'आंखें' दीं, जिससे गोविंदा की स्टारडम और मजबूत हुई। उन्होंने गोविंदा को एक इनसिक्योर एक्टर भी बताया था, जिनके पिता के स्ट्रगल का असर उन पर था।
दिव्या भारती और धर्मेंद्र के साथ अनुभव
निहलानी ने 'शोला और शबनम' की शूटिंग के दौरान दिव्या भारती के पैर में चोट लगने पर भी शूटिंग जारी रखने के उनके जज्बे को याद किया। उन्होंने यह भी बताया कि 'आग ही आग' के सेट पर धर्मेंद्र रीटेक से झल्ला गए थे और पहलाज से पूछा था, "क्या मैं कोई न्यूकमर हूं?"
CBFC प्रमुख के तौर पर विवाद
2015 से 2017 तक CBFC के अध्यक्ष रहते हुए पहलाज निहलानी कई विवादों में घिरे रहे। उन पर फिल्मों से अनावश्यक कट लगाने और बोल्ड सीन हटाने के आरोप लगे। 'उड़ता पंजाब' और जेम्स बॉन्ड की फिल्म 'स्पेक्टर' जैसे मामलों में उनके फैसलों की काफी आलोचना हुई थी।
GST पर इंडस्ट्री का पक्ष
निहलानी ने फिल्म टिकट पर GST लगाने का विरोध करते हुए कहा था कि इससे इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा है और इसे हटाना चाहिए ताकि सिंगल स्क्रीन सिनेमा को बढ़ावा मिले।
उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज हिंदू श्मशान भूमि में किया जाएगा। उनके निधन पर फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
Vivek Singh