प्रयागराज हत्याकांड का खुलासा: दोस्त ने 4 लाशों संग रात बिताई, सबूत मिटाए
प्रयागराज में करोड़पति कारोबारी परिवार के 4 लोगों की हत्या में शामिल सनी गुप्ता 12 घंटे लाशों के साथ रहा। रातभर उसने हर निशान मिटाने की कोशिश की। फर्श पर फैला खून साफ किया। शवों के चेहरों पर टॉयलेट क्लीनर डाला। फिर लाशों को रजाई-गद्दे ओढ़ दिए, ताकि ब
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
बुधवार देर शाम कारोबारी परिवार की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई। बहन के सिर की एक हड्डी टूटी मिली, जबकि पिता और मां के सिर की करीब 10-10 हड्डियां टूटी थीं। बेटे को मां-बाप से इतनी नफरत थी कि जब तक उनकी मौत नहीं हो गई, तब तक वार करता रहा।
वारदात की शुरुआत और अंजाम
कहानी की शुरुआत 31 मई की देर शाम को हुई थी। कारोबारी का बेटा अभिषेक और सनी ने साथ बैठकर बीयर पी। पहले बहन को मारा, फिर मां-बाप की हत्या कर दी। वारदात के बाद डेढ़ करोड़ रुपए के गहने लूटे गए, लेकिन बंटवारे को लेकर विवाद हो गया और सनी ने अभिषेक को भी मार डाला।
पोस्टमॉर्टम में अभिषेक के शरीर पर 12 जगह चोटों के निशान मिले। बुधवार को पुलिस ने केस का खुलासा किया। मीडिया के सामने आरोपी ने जुर्म कबूल किया। उसके चेहरे पर शिकन नहीं थी। कहा- जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, वो मेरा क्या होता, इसलिए मार दिया। इस मामले में लापरवाही बरतने पर 2 दरोगा भी सस्पेंड कर दिए गए।
वारदात को अंजाम देने के बाद सनी 1 जून की सुबह 5 बजे कारोबारी के घर से निकला। सुबह 6:30 बजे अपने घर पहुंचा। घरवालों ने उससे पूछा कि रात भर कहां था। इस पर उसने जवाब दिया कि वह शादी में कचौड़ी बनाने गया था। इसके बाद वह अपने कमरे में जाकर सो गया।
31 मई को देर रात तक घर न पहुंचने से सनी के घरवाले परेशान थे। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। देर रात सनी के भाई मनोज ने साउथ मलाका चौकी पुलिस को सूचना दी थी कि मेरा भाई नहीं मिल रहा है। उसका नंबर भी बंद है। लेकिन, पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया था।
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए साउथ मलाका से मुट्ठीगंज स्थित महावीरन गली तक एक-एक कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी। एक फुटेज में 1 जून की सुबह करीब 5 बजे सनी कारोबारी के घर से निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने और फुटेज खंगाले। करीब 2 किमी के दायरे में 150 कैमरों की जांच की गई।
एक अन्य फुटेज में 31 मई की दोपहर करीब 3 बजे सनी कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य के घर के पास दिखाई दिया। इसमें वह कारोबारी के बेटे अभिषेक के साथ घर के अंदर जाता नजर आया। वहीं, 1 जून को सनी कारोबारी के घर से निकलकर अपने मुट्ठीगंज स्थित घर में दाखिल होता भी कैमरे में कैद हुआ।
पुलिस ने कारोबारी के घर के बाहर कचौड़ी-समोसे बेचने वाले दुकानदार को वह फुटेज दिखाई। दुकानदार ने पहचान करते हुए बताया कि यह सनी गुप्ता है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके पास से कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य के घर से लूटे गए डेढ़ करोड़ रुपए के गहने भी बरामद किए गए।
3 जून को वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक का पोस्टमॉर्टम हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक ने अपने मां-बाप को बेरहमी से मारा। उनके सिर पर 12 से अधिक बार वार किए। इससे दोनों के सिर की आगे-पीछे और बीच की हड्डी चकनाचूर हो गईं।
वहीं, बहन मीनाक्षी की सिर्फ एक आगे की हड्डी टूटी मिली। 3 मर्डर होने के बाद सनी गुप्ता ने अभिषेक को भी बेरहमी से मार दिया। उसने लोहे की रॉड से अभिषेक पर ताबड़तोड़ वार किए। इससे उसके सिर की भी हडि्डयां टूटी मिलीं। साथ ही उसके सीने, हाथ-पैर और चेहरे पर भी चोट मिली।
हत्या करने के बाद सनी ने अभिषेक के चेहरे पर टॉयलेट क्लीनर डाल दिया। इससे उसका चेहरा झुलस गया। 4 मर्डर होने के बाद सनी ने सीढ़ियां और कमरों से खून के धब्बे साफ किए। बाथरूम में नहाया। इसके बाद घर में ही सो गया। करीब 12 घंटे बाद वह 1 जून की सुबह करीब 5 बजे कारोबारी के घर से निकला।
पुलिस कमिश्नर ने 2 दरोगा निलंबित किए
मामले की जांच में पुलिस की शुरुआती लापरवाही भी सामने आई है। 31 मई की रात सनी के भाई ने पुलिस को सूचना दी थी। अगर पुलिस अलर्ट हो जाती, तो शायद चार हत्याएं नहीं होतीं। लापरवाही मिलने पर पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने साउथ मलाका चौकी प्रभारी रोहित कुमार गौड़ और कोतवाली थाने में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक मुलायम यादव को सस्पेंड कर दिया।
अब पढ़िए पूरा मामला
वीरेंद्र कुमार वैश्य का गिफ्ट का कारोबार था। उनका हीवेट रोड चौराहे पर दो मंजिला मकान है। मकान 8,000 वर्गफीट में बना है, जिसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपए है। निचले हिस्से में 14 दुकानें हैं, जिनमें से 13 किराए पर हैं। ऊपरी हिस्से में वीरेंद्र परिवार के साथ रहते थे। एक दुकान बेटी मीनाक्षी चलाती थी। वह गिफ्ट से जुड़े सामान बेचती थी।
उसी दुकान पर वीरेंद्र वैश्य भी बैठा करते थे। बड़ा बेटा अभिषेक पेस्टीसाइड और फ्लोर क्लीनिंग सॉल्यूशन का व्यापार करता था। अभिषेक और मीनाक्षी की शादी नहीं हुई थी। छोटा बेटा कौशांबी जेल में बंद है। उसकी पत्नी रितु जमानत पर जेल से बाहर है। फिलहाल वह कीडगंज में अपने मायके में रह रही है।
2 जून (मंगलवार) को कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के शव घर के अंदर मिले थे। घर में बाहर से ताला बंद था, जबकि बेटे अभिषेक का कुछ पता नहीं चल रहा था। करीब 2 घंटे बाद अभिषेक (40) का शव मकान के नीचे की दुकान में मिला था। दुकान का ताला भी बाहर से बंद था।
पुलिस जांच में पता चला है कि बड़े बेटे अभिषेक की भी पिता से नहीं जमती थी। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के अनुसार, अभिषेक की संगत को लेकर परिवार में अक्सर झगड़ा होता रहता था। एक बार अभिषेक ने किसी व्यक्ति से कई लाख रुपए उधार ले लिए थे।
समय पर रकम न लौटाने पर कर्ज देने वाले अभिषेक की पिटाई कर उसे उठा ले गए थे। धमकी दी थी कि पैसे नहीं मिले तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में बहन मीनाक्षी ने पैसे देकर अभिषेक को छुड़ाया था। इस बात को लेकर वीरेंद्र का अभिषेक से झगड़ा हो गया था।
कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य की रईशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका प्रयागराज में प्राइम लोकेशन में 8000 वर्गफीट में मकान है। इसमें 14 दुकानें भी हैं, जिनका किराया कई लाख होने की बात सामने आई है। लेकिन, कारोबारी, उनकी पत्नी अनीता, बेटी और बेटे अभिषेक की हत्या हो चुकी है। सबसे छोटा बेटा जेल में बंद है। उसकी पत्नी अपने मायके में है। इस तरह कारोबारी के 8,000 वर्गफीट में बने घर में अब कोई नहीं बचा है।
इस पूरी वारदात का खुलासा 3 जून को पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने वारदात कैसे हुई, यह सिलसिलेवार बताया। पढ़िए…
6 सवाल, जिनके खुलासे के बाद भी नहीं मिले जवाब
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Sachin Saxena