अमरनाथ यात्रा 2026: हेलिकॉप्टर सेवा नहीं मिलेगी, पूरा मार्ग नो-फ्लाइंग जोन रहेगा
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड ने आगामी श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, इस साल भी पूरे यात्रा मार्ग को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। यह निर्णय 1 जुलाई, 2026 से यात्रा संपन्न होने तक लागू रहेगा।
यात्रा मार्ग पर हेलिकॉप्टर सेवा बंद
पहलगाम और बालटाल सहित यात्रा के सभी मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। श्रद्धालु अपनी यात्रा पैदल या पालकी और घोड़े की सुविधा का लाभ उठाकर पूरी कर सकेंगे।
अन्य प्रमुख खबरें
NIA ने पश्चिम बंगाल में 9 जगहों पर की छापेमारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के भांगर विस्फोट मामले में 9 स्थानों पर छापेमारी की। NIA ने 26 अप्रैल को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले कोलकाता पुलिस ने साउथ 24 परगना जिले से 79 देसी बम और अन्य सामग्री बरामद की थी। यह मामला 25 अप्रैल को उत्तर काशीपुर थाना में दर्ज किया गया था। गृह मंत्रालय ने मामले में संभावित आतंकी एंगल और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर को देखते हुए NIA को जांच सौंपी थी।
दिल्ली दंगों के दौरान IB अफसर की हत्या का फैसला आज आ सकता है
2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में गुरुवार को अदालत फैसला सुना सकती है। इस मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 लोग आरोपी हैं। अंकित शर्मा का शव फरवरी 2020 में दिल्ली के खजूरी खास इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था। अदालत सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख चुकी है।
मुंबई में 22 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने 22 साल से फरार चल रहे राजेंद्र शिंदे नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार रोकथाम अधिनियम (PITA) के तहत मामला दर्ज था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी विले पार्ले इलाके में रह रहा है, जहां से उसे निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी उस ओशिवारा इलाके से सिर्फ 9 किलोमीटर दूर रह रहा था, जहां उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
अरावली की परिभाषा की जांच के लिए समिति गठित
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और सीमांकन पर केंद्र की रिपोर्ट की स्वतंत्र समीक्षा के लिए 5 सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति गठित की है। यह समिति 31 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और जांच करेगी कि दो पहाड़ियों के बीच 500 मीटर की वर्तमान परिभाषा संरक्षित क्षेत्रों के दायरे को अत्यधिक कम तो नहीं कर देगी।
Amit Pateria