पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग सख्त
पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए उप निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश भारती के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय आयोग दल कोलकाता पहुंचा। इस दल में आईटी प्रभाग की महानिदेशक सीमा खन्ना, सचिव एस. बी. जोशी और उप सचिव अभिनव अग्रवाल शामिल थे।
वर्चुअल बैठक में तैयारियों की समीक्षा
बुधवार को भारती ने सभी जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में प्रत्येक जिले की तैयारियों की समीक्षा की गई और अब तक की प्रगति पर चर्चा हुई। भारती ने निर्देश दिया कि एसआईआर से संबंधित कार्य 15 अक्टूबर तक पूरे कर लिए जाएं।
निर्देश और सख्त चेतावनी
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि अधिसूचना जारी होने के बाद किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिसूचना जारी होने के चार से पांच दिनों के भीतर 30 प्रतिशत नामांकन प्रपत्रों की छपाई पूरी करने के निर्देश दिए गए। जहां बिहार में प्रपत्र केंद्रीय स्तर पर छपवाए गए थे, वहीं बंगाल में इसे स्थानीय स्तर पर छापने का आदेश दिया गया है।
बंगाल के 7.65 करोड़ मतदाताओं के लिए दो प्रपत्र छापे जाएंगे, एक मतदाता के पास रहेगा और दूसरा बीएलओ द्वारा एकत्र किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावित जिलों के लिए अलग समीक्षा
उत्तर बंगाल में हालिया बाढ़ और भूस्खलन संकट के कारण प्रभावित जिलों के अधिकारियों को बैठक से छूट दी गई। इन जिलों की समीक्षा के लिए इस महीने के अंत में अलग बैठक की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने यह सख्ती ऐसे समय पर दिखाई है जब राज्य में राजनीतिक तनाव और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच चुनावी तैयारियों को समय पर पूरा करने का दबाव बढ़ रहा है।