पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की उच्च स्तरीय बैठक: ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के हालात पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग के कारण उत्पन्न हुए तनावपूर्ण माहौल के मद्देनजर बुलाई गई थी। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और फर्टिलाइजर्स की स्थिति की समीक्षा करना था।
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर, सिविल एविएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू और रेल व आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। चर्चा का केंद्र बिंदु देश में जरूरी संसाधनों की बिना रोक आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स और वितरण सुनिश्चित करना था, ताकि देश के लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
देश में ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति
बैठक के दौरान देश में ऊर्जा आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर भी गौर किया गया। हाल ही में, अमेरिका के टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक कार्गो शिप मेंगलुरु पोर्ट पहुंचा। इसके अतिरिक्त, रूस से भी कच्चे तेल का एक जहाज भारत आया। पिछले सात दिनों में, समुद्र के रास्ते गैस और कच्चे तेल के लगभग पांच जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जो आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने के प्रयासों को दर्शाता है।
संघर्ष के बाद मोदी सरकार के 3 प्रमुख फैसले
पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत के बाद से, मोदी सरकार ने देश में स्थिति को नियंत्रित करने और आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तीन बड़े फैसले लिए हैं:
1. हवाई किराए पर लगी रोक हटाई गई
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों के किराए पर लगी रोक को हटा दिया है। यह फैसला 23 मार्च से प्रभावी होगा, जिसके बाद एयरलाइन कंपनियां सीटों की मांग के अनुसार घरेलू फ्लाइट्स का किराया बढ़ा सकेंगी। पिछले साल दिसंबर में इंडिगो की उड़ानों में आई रुकावटों के बाद अधिकतम किराया ₹18000 तय किया गया था।
2. राज्यों को 20% ज्यादा गैस देने का आदेश
केंद्र सरकार ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। 23 मार्च से राज्यों को पहले के मुकाबले 20% ज्यादा गैस प्रदान की जाएगी। इस कदम से राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई संकट-पूर्व स्तर के 50% तक पहुंच जाएगी।
3. प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई गईं
सरकारी तेल कंपनियों ने 20 मार्च को स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की। भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब 117 रुपए हो गई है। सामान्य पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भारत पेट्रोलियम प्रीमियम पेट्रोल को स्पीड नाम से, हिंदुस्तान पेट्रोलियम इसे पावर और इंडियन ऑइल इसे XP95 के नाम से बेचता है।
होरमुज जलडमरूमध्य का महत्व
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के कारण होरमुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित हुई है। यह जलमार्ग भारत के 80-85% LPG आयात का स्रोत है और दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। ईरान, फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला यह लगभग 167 किमी लंबा जलमार्ग अब सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहे हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और देश की 60% से अधिक LPG बाहर से आती है। हालांकि, सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील करते हुए आश्वस्त किया है कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है।
Sachin Saxena