पटना में आज से बुलडोजर एक्शन, 9 टीमों से शहर होगा अतिक्रमणमुक्त

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पटना में अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान, 31 दिसंबर तक चलेगी कार्रवाई

पटना में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस एम के निर्देश पर शहरभर में अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान आज से शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के लिए दिसंबर माह का कैलेंडर जारी किया गया है और जिलाधिकारी तथा वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा की ओर से कुल नौ टीमों का गठन किया गया है।

शहर के छह अंचलों और तीन नगर परिषद क्षेत्रों में कार्रवाई

यह अतिक्रमण उन्मूलन अभियान पटना नगर निगम के छह अंचलों—नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी—के साथ नगर परिषद खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत क्षेत्रों में चलाया जाएगा। अभियान में प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन प्रमंडल और विद्युत समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मी संयुक्त रूप से भाग लेंगे।

अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई और एफआईआर की चेतावनी

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जहां-जहां अतिक्रमण हटाया जाएगा, वहां दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। अभियान में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी सख्त और विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, फुटपाथों, सर्विस रोड और प्रमुख मार्गों को अतिक्रमणमुक्त रखना जनहित में अत्यावश्यक है।

प्रमुख मार्गों और अस्पतालों के आसपास विशेष फोकस

कंकड़बाग, गांधी मैदान, राजेंद्र नगर टर्मिनल, डाकबंगला, कारगिल चौक, अशोक राजपथ, बोरिंग कैनाल रोड, सगुना मोड़, जेपी गंगा पथ और अटल पथ सहित कई प्रमुख मार्गों को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है। जिलाधिकारी ने अस्पतालों जैसे आइजीआईएमएस, पीएमसीएच, एम्स और एनएमसीएच के आसपास भी अतिक्रमण पूरी तरह हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में कोई बाधा न हो।

दंड का प्रावधान और नियमित अभियान

मुख्य मार्गों पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत वेंडिंग, अवैध पार्किंग या व्यावसायिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निकायों को अस्थायी अतिक्रमण पर 5,000 रुपये और स्थायी अतिक्रमण पर 20,000 रुपये का दंड लगाने की शक्ति प्रदान की गई है। शहरी प्रबंधन इकाई को पूर्व निर्धारित मासिक कैलेंडर के आधार पर नियमित अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

आदतन अतिक्रमणकारियों की पहचान और वाहन जांच

अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाते हुए आदतन अतिक्रमणकारियों को चिह्नित करें और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। इसके साथ ही विशेष वाहन जांच अभियान चलाने को भी कहा गया है, ताकि सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

निगरानी के लिए विशेष सेल और यातायात सुधार

विशेष अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए पांच सदस्यीय सेल का गठन किया गया है, जिसमें पुलिस अधीक्षक (यातायात), अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था), एसपी (सुरक्षा), अपर नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं। जिलाधिकारी के अनुसार, बढ़ते वाहनों और यातायात जाम की स्थिति में सुगम यातायात प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनका मानना है कि अतिक्रमण हटाने से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

31 दिसंबर तक अभियान, दैनिक समीक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार

यह विशेष अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा और इसकी प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी। विभिन्न मार्गों पर एस्कलेटरयुक्त फुट ओवर ब्रिज, अंडरपास, सड़कों का चौड़ीकरण और सुंदरीकरण, वेंडरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का निर्माण और अन्य संबंधित बिंदुओं पर भी लगातार कार्य किया जा रहा है, ताकि आम जनता को सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।

Adarsh Chaurasiya