पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना से विवाह किया
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र और शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री रह चुके दीपक जोशी ने महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव पल्लवी राज सक्सेना से विवाह किया है। दीपक जोशी की उम्र 63 वर्ष है, जबकि पल्लवी 43 वर्ष की हैं।
आर्य समाज मंदिर में संपन्न हुई शादी और तस्वीरों का वायरल होना
यह विवाह 4 दिसंबर को आर्य समाज मंदिर में दोनों परिवारों की मौजूदगी में हुआ। शादी की तस्वीरें पल्लवी राज सक्सेना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की थीं, जिन्हें बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया। कांग्रेस नेता बृजेन्द्र शुक्ला ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर दीपक जोशी को बधाई दी। सामने आई तस्वीरों में दीपक जोशी पल्लवी की मांग में सिंदूर भरते नजर आ रहे हैं।
पुरानी वैवाहिक विवादों की पृष्ठभूमि
दीपक जोशी के निजी जीवन को लेकर पहले से ही विवाद रहे हैं। नम्रता जोशी और शिखा जोशी (मित्रा) नाम की दो महिलाएं खुद को उनकी पत्नी बताती रही हैं। नम्रता का दावा है कि वे दीपक जोशी की पत्नी हैं और उनके घर में रहती हैं, जबकि शिखा का कहना है कि उन्होंने 2016 में दीपक जोशी से विवाह किया था। दीपक जोशी की पहली पत्नी विजया जोशी का 2021 में कोरोना संक्रमण के दौरान इलाज के समय निधन हो चुका है।
इन विवादों में से कुछ मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। इस संदर्भ में सोशल मीडिया पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए दीपक जोशी ने कहा कि यह मामला आज का नहीं बल्कि 2006 से चला आ रहा है और कुछ प्रकरण न्यायालय में होने के कारण वे सार्वजनिक रूप से अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं समझते।
दीपक जोशी की प्रतिक्रिया और प्रायश्चित की बात
सोशल मीडिया पर जारी संदेश में दीपक जोशी ने स्वीकार किया कि सार्वजनिक जीवन में गलतियां हो सकती हैं और यदि गलतियां हुई हैं तो उनका प्रायश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता कैलाश जोशी को आदर्श और अटल बिहारी वाजपेयी को भगवान मानते हैं और यह दावा किया कि गलतियां हुई होंगी, लेकिन बेईमानी नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे दोषी होंगे तो भारतीय कानून उन्हें दोषी ठहराएगा और यदि निर्दोष होंगे तो निर्दोष माना जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे प्रकरण, विभिन्न महिलाओं से संबंधों और विवादों के बारे में विस्तार से जानकारी वे भोपाल में मीडिया के समक्ष रखने की बात कह चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वे निर्धारित तिथि पर पत्रकारों के सामने बैठकर पूरी बात स्पष्ट करेंगे।
पल्लवी राज सक्सेना का बयान
पल्लवी राज सक्सेना ने दूरभाष पर पुष्टि की कि उनकी और दीपक जोशी की शादी 4 दिसंबर को आर्य समाज मंदिर में दोनों परिवारों की उपस्थिति में हुई। उन्होंने बताया कि दोनों एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सार्वजनिक रूप से शादी की जानकारी देने वाले थे, लेकिन उनके पिता की तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती रहने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: भाजपा से मोहभंग से लेकर वापसी तक
दीपक जोशी 2013 में देवास जिले की हाटपिपल्या सीट से विधायक चुने गए और मध्य प्रदेश सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री बने। 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार और ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मनोज चौधरी ने पराजित कर दिया, जिसके बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी।
2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए, जिनमें हाटपिपल्या के विधायक मनोज चौधरी भी शामिल थे। कई अन्य विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई और 28 सीटों पर उपचुनाव हुए। भाजपा ने इन सभी सीटों पर कांग्रेस से आए नेताओं को टिकट दिया। इसी दौर को दीपक जोशी के राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट माना गया, जब उनका भाजपा से मोहभंग शुरू हुआ।
इसके बाद 2023 में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया और खातेगांव से टिकट दिया, लेकिन इस चुनाव में वे भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा से 12,542 वोटों से हार गए। लगभग डेढ़ वर्ष बाद दीपक जोशी ने पुनः भाजपा में वापसी की और शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नांदनेर में पार्टी जॉइन की।
व्यक्तिगत जीवन: पत्नी का निधन और सक्रियता में कमी
2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दीपक जोशी, उनके बेटे जयवर्धन और पत्नी विजया जोशी संक्रमित हो गए। गंभीर स्थिति और ऑक्सीजन संकट के बीच विजया जोशी को इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद दीपक जोशी काफी सदमे में रहे और 2021 तथा 2022 में उनकी राजनीतिक सक्रियता अपेक्षाकृत कम दिखाई दी।
भ्रष्टाचार के आरोप और प्रधानमंत्री को पत्र
दिसंबर 2022 में दीपक जोशी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस पत्र में उन्होंने बागली की तीनों नगर परिषदों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
उन्होंने यह शिकायत प्रदेश संगठन के नेताओं से लेकर मुख्यमंत्री तक की, लेकिन उनके निकट माने जाने वाले नेताओं के अनुसार, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इन आरोपों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। मामला विधानसभा में भी उठा, परंतु ठोस कार्रवाई न होने पर दीपक जोशी ने चेतावनी दी कि 2023 में वे सड़क पर संघर्ष करेंगे। इसके बाद उन्होंने पार्टी से दूरी बनानी शुरू कर दी।
2023 में चुनाव पूर्व माहौल के बीच मई महीने में उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा तेज हुई। 5 मई को पत्नी की दूसरी पुण्यतिथि पर उन्होंने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और 6 मई को पिता की तस्वीर लेकर कांग्रेस दफ्तर पहुंचे, जहां कमलनाथ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
कैलाश जोशी की विरासत
दीपक जोशी के पिता कैलाश जोशी मध्य प्रदेश की राजनीति में संत राजनीति के नाम से जाने जाते थे। उनका जन्म देवास जिले के हाटपिपल्या में 14 जुलाई 1929 को हुआ था। वे 1962 में पहली बार बागली विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनसंघ के टिकट पर विधायक चुने गए और 1962 से 1993 तक आठ बार इसी सीट से विधायक रहे। उन्होंने तीन बार भारतीय जनसंघ, एक बार जनता पार्टी और चार बार भारतीय जनता पार्टी के प्रतीक पर चुनाव लड़ा।
कैलाश जोशी 1977–1978 के दौरान कुछ समय के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। वे दो बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा के सदस्य रहे। 24 नवंबर 2019 को उनका निधन हो गया। उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत छवि को दीपक जोशी अक्सर अपना आदर्श बताते हैं और अपने सार्वजनिक जीवन में उसी विरासत का उल्लेख करते हैं।
निष्कर्ष
आर्य समाज मंदिर में संपन्न दीपक जोशी और पल्लवी राज सक्सेना का विवाह जहां एक नया व्यक्तिगत अध्याय खोलता है, वहीं पुराने वैवाहिक विवाद और लंबित न्यायिक मामले इसे सार्वजनिक चर्चा का विषय भी बना रहे हैं। साथ ही, बीते वर्षों में उनके राजनीतिक उतार-चढ़ाव, पार्टी बदलने के निर्णय और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई गई आवाजें उनकी छवि को लगातार सुर्खियों में रखे हुए हैं।
Lokendra Mishra