राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के TMC नाम-सिंबल फ्रीज आदेश की आलोचना की
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को X पर लिखकर चुनाव आयोग के उस आदेश की आलोचना की जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिह्न और नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है। राहुल गांधी ने लिखा कि पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस - हर बार एक ही पैटर्न दिखता है जहां भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं और फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है। उन्होंने आगे लिखा कि जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं। वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
इतिहास में ऐसे विभाजन पहले भी हुए हैं। 21 जून 2022 को शिवसेना में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट अलग हुए थे। इसी तरह 2 जुलाई 2023 को NCP में शरद पवार और अजित पवार गुट अलग हुए थे।
चुनाव आयोग का आदेश और उपचुनाव की तैयारी
चुनाव आयोग ने गुरुवार को दिल्ली में दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया था। पार्टी में दो गुट हैं - एक का नेतृत्व ममता बनर्जी और दूसरे का अरूप रॉय कर रहे हैं। आयोग ने कहा कि दोनों गुट खुद को असली पार्टी बता रहे हैं, इसलिए इलेक्शन सिम्बल्स ऑर्डर, 1968 के नियमों के तहत इस विवाद पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल सिंबल और नाम के इस्तेमाल पर रोक का आदेश जारी किया गया है। TMC के दोनों गुटों ने अपनी पसंद के नए नाम और चुनाव चिह्न दे दिए हैं। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हैं। दोनों गुटों ने एक ही चिह्न पर उम्मीदवार उतारे थे। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC धड़े से मोहम्मद एतेशामुल हक नंदीग्राम और सफीउद्दीन शेख रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, पूर्व सीएम ममता बनर्जी की TMC ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था।
सुप्रीम कोर्ट का TMC सांसदों की अयोग्यता पर निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को TMC के 20 सांसदों की अयोग्यता पर कार्यवाही तय समयसीमा में करने की बात कही। कोर्ट ने साफ किया कि असली मुद्दा नोटिस जारी करने की औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्यवाही पूरी करना है। कोर्ट ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया।
Vivek Singh