राहुल का आरोप मोदी सरकार ने पुतिन मुलाकात रोकी

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राहुल का आरोप मोदी सरकार ने पुतिन मुलाकात रोकी

राहुल गांधी का आरोप, पुतिन से मुलाकात पर रोक को लेकर केंद्र पर निशाना

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल ने इसे सरकार की असुरक्षा की भावना और लोकतांत्रिक परंपराओं से विचलन बताया।

राहुल गांधी का बयान और विपक्ष की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने संसद के बाहर कहा कि परंपरा रही है कि भारत आने वाले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता विपक्ष के नेता से भी मिलते रहे हैं। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह की सरकारों के समय यह परंपरा निभाई जाती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेताओं से न मिलने की सलाह देती है।

राहुल ने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि वे विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों से मुलाकात करें और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विदेश मंत्रालय की असुरक्षा से जोड़ा। यह बयान पुतिन के भारत दौरे से ठीक पहले आया है, जब रूस के राष्ट्रपति 5-6 दिसंबर को लगभग 30 घंटे के लिए भारत आ रहे हैं।

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने भारतीय लोकतंत्र की स्थापित परंपराओं को ताक पर रख दिया है और विपक्ष के नेताओं, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, दोनों की संवैधानिक भूमिका को कमजोर किया जा रहा है। शशि थरूर ने भी कहा कि लोकतंत्र में यह उचित है कि बड़े विदेशी नेता सभी पक्षों से मिलें, इसलिए सरकार को राहुल के आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

शीतकालीन सत्र में प्रदूषण, अर्थव्यवस्था और नए बिलों पर जोरदार बहस

दिल्ली प्रदूषण पर सोनिया गांधी और विपक्ष के हमले

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर तीखी तल्खी देखने को मिली। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण बच्चों और बुजुर्गों की सेहत गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है और केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा।

सदन की कार्यवाही से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया, कई सांसद गैस मास्क पहनकर पहुंचे। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि लोग गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे हैं और हर साल हालात बदतर होते जा रहे हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी दिल्ली के वायु प्रदूषण पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया और इसे बड़ा स्वास्थ्य संकट बताया।

वहीं भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि प्रदूषण की समस्या कई वर्षों से चली आ रही है और सरकार इसके समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं काफी कम हुई हैं, हालांकि पंजाब में अभी भी दिक्कत बनी हुई है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में जानकारी दी कि पंजाब और हरियाणा में 2025 के धान कटाई सीजन में पराली जलाने की घटनाओं में 2022 की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत कमी दर्ज की गई।

रुपये की गिरावट पर विपक्ष का हमला

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत 90 के पार जाने पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि इससे आयात महंगा होगा और आर्थिक दबाव बढ़ेगा, इसलिए सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रीय मुद्रा को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रुपये की कमजोरी को देश की आर्थिक स्थिति के खराब होने का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और मजबूत अर्थव्यवस्था के दावे करती है, लेकिन गिरता रुपया इसका वास्तविक चित्र सामने ला रहा है। प्रियंका गांधी वाड्रा और मनीष तिवारी ने याद दिलाया कि जब मनमोहन सिंह के कार्यकाल में डॉलर की कीमत बढ़ी थी, तब भाजपा इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाती थी, जबकि अब वही दल चुप है।

फेक न्यूज, डीपफेक और संचार सुरक्षा पर सरकार का रुख

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फेक न्यूज और एआई आधारित डीपफेक को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार कड़ी कार्रवाई के लिए नए नियम बना रही है और 36 घंटों के भीतर आपत्तिजनक सामग्री हटाने का नियम लागू किया गया है। संसद की संबंधित समिति की सिफारिशों के आधार पर इन नियमों को और मजबूत किया जाएगा, ताकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की सुरक्षा के बीच संतुलन कायम रह सके।

साथ ही, दूरसंचार विभाग के उस आदेश पर भी सवाल उठे जिसमें मोबाइल कंपनियों और आयातकों को संचार साथी एप को पहले से इंस्टॉल करने और उसे न हटाए जा सकने वाला बनाने को कहा गया है। कांग्रेस की रेणुका चौधरी ने आरोप लगाया कि यह कदम नागरिकों की गोपनीयता पर हमला है और इससे व्यापक निगरानी का खतरा पैदा होता है, जबकि इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था या संसदीय निगरानी नहीं है।

परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा और अन्य विधायी एजेंडा

एटॉमिक एनर्जी बिल और निजी कंपनियों की एंट्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि एटॉमिक एनर्जी बिल 2025 का मसौदा उन्नत चरण में है और विभिन्न मंत्रालयों के सुझावों को शामिल करते हुए उसकी कानूनी जांच चल रही है। यह बिल बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके तहत पहली बार निजी भारतीय और विदेशी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।

फिलहाल देश में सभी परमाणु संयंत्र सरकारी नियंत्रण वाली कंपनियां, जैसे एनपीसीआईएल, बनाती और संचालित करती हैं। नए कानून के बाद निजी क्षेत्र को भी न्यूक्लियर पावर उत्पादन में प्रवेश मिल सकता है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र की संरचना में बड़ा बदलाव संभव है।

उच्च शिक्षा आयोग बिल और अन्य आर्थिक विधेयक

शीतकालीन सत्र के एजेंडे में उच्च शिक्षा आयोग ऑफ इंडिया बिल भी शामिल है। इसके तहत यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई जैसी अलग-अलग नियामक संस्थाओं को समाप्त कर एक संयुक्त राष्ट्रीय आयोग बनाने की योजना है, जिससे सरकार के अनुसार उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सरल और प्रभावी होगी।

सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए, जिनमें मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को सदन ने पारित किया। इसके साथ ही केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा व राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी पेश किए गए।

कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों में 2,04,268 निजी कंपनियां बंद हुई हैं, जिनमें सबसे अधिक बंद कंपनियां 2022-23 में दर्ज की गईं। इसे लेकर भी आर्थिक माहौल पर चर्चा की जमीन बनी।

चुनावी सुधार, न्यायपालिका पर महाभियोग और राजनीतिक रणनीति

लोकसभा में चुनाव सुधारों (SIR) पर चर्चा को लेकर विपक्ष दो दिन तक तत्काल बहस पर अड़ा रहा, जिसके बाद सहमति बनी कि 9 दिसंबर को 10 घंटे की विस्तृत चर्चा होगी। इससे एक दिन पहले 8 दिसंबर को वंदे मातरम् पर भी लंबी बहस का कार्यक्रम तय किया गया है।

उधर, एक न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया को लेकर भी सत्र के दौरान चर्चा बनी रही। स्पीकर ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बना दी है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के एक-एक जज और एक विधि विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति की रिपोर्ट शीतकालीन सत्र में ही आने की संभावना है। आरोप सिद्ध होने पर संसद में महाभियोग प्रस्ताव पर वोटिंग होगी, जिसे पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। माना जा रहा है कि गंभीर निष्कर्ष आने पर संबंधित जज खुद इस्तीफा भी दे सकते हैं।

संसद से बाहर राजनीतिक रणनीति पर भी मंथन जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों से मुलाकात कर राज्य में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच सक्रिय रहने और राज्य की स्थिति पर जोरदार अभियान चलाने की बात कही।

निष्कर्ष: सत्र में तीखा टकराव, लोकतांत्रिक परंपराओं पर बहस तेज

कुल मिलाकर शीतकालीन सत्र का माहौल विपक्ष और सरकार के बीच तीखे राजनीतिक टकराव से भरा दिखाई दे रहा है। एक तरफ राहुल गांधी का पुतिन से मुलाकात न होने देने का आरोप लोकतांत्रिक परंपराओं और विदेश नीति में विपक्ष की भूमिका पर नई बहस छेड़ रहा है, तो दूसरी तरफ प्रदूषण, आर्थिक चुनौतियां, फेक न्यूज, गोपनीयता, परमाणु ऊर्जा में निजी भागीदारी और चुनावी सुधार जैसे मुद्दे संसद की कार्यवाही को दिशा दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इन सभी बहसों के नतीजे नीतिगत फैसलों और राजनीतिक माहौल, दोनों पर दूरगामी असर डाल सकते हैं।

Adarsh Chaurasiya