दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में बिहार कांग्रेस की अहम बैठक
नई दिल्ली स्थित 10, राजाजी मार्ग पर शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में बिहार कांग्रेस से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। बिहार में कांग्रेस विधायकों के टूटने की अटकलों और राजनैतिक समीकरणों के बीच यह बैठक पार्टी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
राहुल गांधी की विधायकों से पहली संयुक्त मुलाकात
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने पहली बार बिहार के सभी छह कांग्रेस विधायकों से एक साथ मुलाकात की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधायकों से सीधे तौर पर पार्टी में टूट से जुड़ी अफवाहों पर सवाल किए। जवाब में सभी विधायकों ने एक सुर में इन अटकलों को खारिज किया और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई।
संगठन मजबूत करने और समन्वय समिति बनाने पर सहमति
बैठक में बिहार में पार्टी संगठन को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि पार्टी संगठन और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। इसके अलावा यह भी तय हुआ कि बिहार कांग्रेस के विधायक अपने नेता प्रतिपक्ष या दल के नेता के नाम पर आपस में सहमति बनाकर उसका प्रस्ताव हाईकमान को भेजेंगे।
अनुशासनहीनता पर सख्त रुख के संकेत
बैठक में कांग्रेस आलाकमान ने साफ संकेत दिया कि पार्टी लाइन से हटकर काम करने वाले और पार्टी नीति के खिलाफ सार्वजनिक बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसे लंबे समय से पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष और अनुशासनहीनता को नियंत्रित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
एनडीए से संपर्क की चर्चाओं और असंतोष की पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में यह चर्चा थी कि बिहार के कांग्रेस विधायकों पर एनडीए की ओर से संपर्क और दबाव डाले जा रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में यह बैठक बुलाई गई, ताकि विधायकों की स्थिति और मनोभाव को सीधे तौर पर समझा जा सके और किसी भी प्रकार की टूट-फूट की आशंकाओं को दूर किया जा सके।
राजद-कांग्रेस संबंधों पर विधायकों की नाराजगी
बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों ने राजद और कांग्रेस के बीच मौजूदा संबंधों को असहज और पार्टी के लिए घातक करार दिया। सूत्रों के मुताबिक, अधिकतर विधायक राजद के साथ गठबंधन बनाए रखने के पक्ष में नहीं दिखे। हालांकि, पार्टी के कुछ पुराने नेता अब भी इस गठबंधन को जारी रखने की वकालत कर रहे हैं।
राजद से संबंध तोड़ने की पुरानी मांग
बैठक के संदर्भ में यह भी उल्लेखनीय रहा कि विधायक दल के पूर्व नेता डॉ. शकील अहमद पहले से ही राजद के साथ गठबंधन खत्म करने की मांग करते रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में, बैठक में उठे मुद्दों को कांग्रेस और राजद के भविष्य के गठबंधन समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बैठक में शामिल नेता और निष्कर्ष
बैठक में केसी वेणुगोपाल, डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीत रंजन, कन्हैया कुमार, राजेश राम, कृष्णा अल्लावरू, मदन मोहन झा सहित पार्टी के सांसद और सभी विधायक मौजूद रहे। चर्चा का निष्कर्ष यह रहा कि संगठन को मजबूत करने, अनुशासन बहाल करने और बिहार में कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका को स्पष्ट करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस बैठक को बिहार कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे असंतोष को कम करने और भविष्य की रणनीति तय करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
Bhavanesh Soni