भोपाल में कांग्रेस का उपवास अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण पर मोदी-योगी सरकार घिरी

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भोपाल में कांग्रेस का उपवास अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण पर मोदी-योगी सरकार घिरी

भोपाल में कांग्रेस का धरना-उपवास, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण पर भाजपा पर निशाना

राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ धरना और उपवास कर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ किए गए कथित व्यवहार तथा धार्मिक परंपराओं से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया।

शंकराचार्य के सम्मान और परंपराओं का मुद्दा

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यों का अपमान किया गया है। साथ ही साधु-संतों पर दमनात्मक कार्रवाई और काशी के मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र स्थलों को तोड़े जाने के प्रयासों की भी निंदा की गई। नेताओं ने कहा कि सनातन परंपराओं में शंकराचार्य की मान्यता स्वतः सिद्ध रही है।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के आरोप

धरना स्थल पर संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में जगतगुरु शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोका गया, जो सनातन परंपराओं के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में कभी किसी ने शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोकने का साहस नहीं किया, जबकि खुद को हिंदू हितों का रक्षक बताने वाली भाजपा सरकार ने ऐसा किया।

पटवारी ने यह भी कहा कि हजारों वर्षों से शंकराचार्य की मान्यता पर किसी ने प्रश्न नहीं उठाया, लेकिन अब उनसे मानो प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस सनातन परंपरा में विविधता भारत की ताकत मानी जाती है, उसी परंपरा में शंकराचार्य को गंगा स्नान से क्यों रोका गया।

आस्था और अस्मिता से जुड़ा सवाल बताया

पीसीसी अध्यक्ष ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा नहीं है, बल्कि भारत की अस्मिता, सम्मान और धार्मिक आस्था से संबंधित है। उन्होंने साधु-संतों और बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साथ शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंचाने वाले कृत्यों के दृश्य सामने आए हैं।

पटवारी ने यह भी कहा कि भले ही सत्ता में रहते हुए दोषियों को तत्काल सजा न मिले, लेकिन उन्हें अपने कर्मों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा। उन्होंने देशवासियों और सनातन परंपरा मानने वालों से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की।

भाजपा पर धर्म के राजनीतिक उपयोग का आरोप

धरना-उपवास के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से भाजपा का चेहरा जनता के सामने बेनकाब होगा। जीतू पटवारी ने पूरे प्रकरण को भारत की आस्था और सम्मान से जुड़ा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार की कड़ी निंदा की।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि सनातन परंपराओं, साधु-संतों और धार्मिक आस्थाओं पर हो रहे कथित हमलों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी और वे लोकतांत्रिक तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।

Janmejay Chaturvedi