राजधानी के चर्चित ड्रग्स मामले में रोज नए खुलासे
भोपाल के चर्चित ड्रग्स मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में ड्रग्स सप्लाई की कड़ी अलग-अलग लोगों से जुड़ती जा रही है। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया है। इनमें यासीन मछली और शाहवर मछली प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया पर होती थी डील
चालान में खुलासा हुआ है कि ड्रग्स सप्लाई के लिए आरोपियों के बीच दो दर्जन से अधिक बैंक ट्रांजेक्शन हुए हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी इस्तेमाल किया गया। दिल्ली निवासी विशाल उर्फ बादल अरोरा मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है, जो अभी फरार है।
यासीन के मेमोरेंडम से मिले अहम सुराग
यासीन मछली ने अपने बयान में बताया कि ड्रग्स की खेंप अंशुल उर्फ भूरी के माध्यम से विशाल से आती थी। अंशुल का साथी अमन इस काम में उसकी मदद करता था। पुलिस को यासीन, अंशुल, विशाल और अमन के बीच बैंक ट्रांजेक्शन के सबूत भी मिले हैं।
फरार आरोपी और उनकी तलाश
इस केस में प्रमुख आरोपी डॉ. रहमान मलिक, मोनिस, उमेर पट्टी, विशाल और सनव्वर अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सनव्वर के भाई शाकिर को आरोपी को संरक्षण देने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
अलग-अलग राज्यों में होती थी ड्रग्स की सप्लाई
ड्रग्स की डिलीवरी को छुपाने के लिए सप्लायर बादल ने इसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में भेजा। सावन, जो मूल रूप से पंजाब का निवासी है, इस नेटवर्क का हिस्सा था।
कैदी नंबर 2318 की नई पहचान
गिरफ्तारी के बाद यासीन मछली को जेल में कैदी नंबर 2318 के रूप में पहचाना जा रहा है। वह वर्तमान में विचाराधीन बंदी के रूप में जेल में है।
आरोपियों के खिलाफ आगे की प्रक्रिया
10 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है और 6 अक्टूबर को आरोप तय करने के लिए कोर्ट में बहस होगी। पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।