मध्यप्रदेश में मानसून का नया सिस्टम, दशहरे पर बारिश की संभावना

· 1 min read
मध्यप्रदेश में मानसून  का नया सिस्टम, दशहरे पर बारिश की संभावना

मध्यप्रदेश में मानसून का नया सिस्टम, दशहरे पर बारिश की संभावना

मध्यप्रदेश में मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

दशहरे पर भी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन भी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए दशहरा उत्सव समितियां रावण के पुतलों को बचाने के लिए विशेष प्रबंध कर रही हैं।

रविवार की बारिश का असर

रविवार को धार के मनावर और बड़वानी के सेंधवा में बारिश हुई। सेंधवा में तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा है। यहां एक कच्चा मकान भी गिर गया। नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के पांच गेट भी खोले गए।

प्रदेश में अब तक की बारिश

मध्यप्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 45 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 37.2 इंच है। इस प्रकार, 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। गुना जिले में सबसे ज्यादा 65.5 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल हैं।

मानसून की विदाई और भविष्य का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अब तक मध्यप्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। अक्टूबर के पहले सप्ताह से पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई की परिस्थिति अनुकूल होगी, लेकिन नया सिस्टम बनने से यह तारीख आगे बढ़ सकती है।

इंदौर-उज्जैन संभाग की स्थिति

इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। सितंबर में हुई भारी बारिश से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि उज्जैन में अभी भी कोटा अधूरा है।

भविष्य में संभावित प्रभाव

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलें सुरक्षित रखने के उपाय करें।

दशहरे के उत्सव को देखते हुए आयोजकों और आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।