राज्यपाल का अफसरों पर गुस्सा: आदिवासी बच्चे क्या सिर्फ नाचने के लिए?

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राज्यपाल का अफसरों पर गुस्सा: आदिवासी बच्चे क्या सिर्फ नाचने के लिए?

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अफसरों पर भड़के राज्यपाल:बोले- क्या आदिवासियों के बच्चे सरकार के कार्यक्रमों में केवल डांस करने के लिए हैं

मप्र के गवर्नर (राज्यपाल) मंगूभाई पटेल ने जनजातीय वर्ग के प्रति अफसरों के रवैये पर गुरुवार को तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने बड़े सवाल खड़े करते हुए कहा- सरकार और अफसरों में अपनेपन का अभाव दिखता है। आदिवासी वर्ग के बच्चों और लोगों का अभी भी शोषण हो रहा है। क्या ट्राइबल के बच्चे सरकार के कार्यक्रमों में सिर्फ डांस कराने के लिए हैं। सुबह भी यही बच्चे किसी और कार्यक्रम में डांस कर रहे थे। अब यहां कर रहे हैं।

राज्यपाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने हैरान होते हुए कहा कि राज्य में 21 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। यानि हर विभाग को अपने बजट में से इतना पैसा ट्राइबल (जनजातीय उपयोजना, यानि टीएसपी) पर खर्च करना था, लेकिन 22% राशि जो 299 करोड़ से अधिक है 2025-26 में लैप्स कर दी गई।

गवर्नर ने कहा, यह पैसा तो भारत सरकार से मिलता है। इसका भी सही उपयोग नहीं किया गया। ट्राइबल डिपार्टमेंट से पूछा ही नहीं जाता कि कहां पैसा खर्च करना है। यह ठीक नहीं है। जनजातीय समुदाय के विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की भावी रणनीति के लिए दो दिनी वर्कशॉप प्रशासन अकादमी में रखी गई। इसी में राज्यपाल ने यह बातें कहीं।

गवर्नर ने कहा- निर्धारित राशि के कार्यों के लिए वर्कऑर्डर भी समय से जारी किए जाने चाहिए। तेलंगाना, कर्नाटक जैसे राज्यों में टीएसपी का पैसा खर्च न हो तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है। मप्र में भी ऐसा होना चाहिए। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।

हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहे : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल की उपलब्धता और अधोसंरचना का विकास सुनिश्चित कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।

सीएम ने बताया, किस साल टीएसपी का कितना पैसा खर्च किया गया

2023-24 : बजट 40 हजार 207 करोड़ और खर्च 33 हजार 49 करोड़। यानि 82%। 2024-25 : बजट 41 हजार 733 करोड़ और खर्च 35 हजार 537 करोड़। यानि 85.15%। 2025-26 : बजट 47 हज़ार 648 करोड़ और खर्च 37 हज़ार 349 करोड़ 63 लाख। यानि 78.39%।

बंद पड़ी हैं नल-जल योजना : शाह

जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह कार्यशाला के दूसरे बजट सत्र में अचानक पहुंचे और कहा, कई जगहों पर नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं। कहीं बिजली का बिल देने के लिए पैसा नहीं है। टीएसपी का ही पैसा ही पीएचई में 10 करोड़ से अधिक रहता है, वही खर्च करना चाहिए था। विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने बताया, वर्ष 2026-27 के बजट में जनजातीय उप योजना के लिए विशेष प्रावधान किया गया है।

कैबिनेट में कोई नहीं बोलता : शुक्ला

वर्कशॉप के एक सत्र में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने कहा, टीएसपी का पैसा जब भी खर्च होता है तो कैबिनेट से उसकी मंजूरी होती है। जब यह मसला कैबिनेट में जाता है, तब वहां कोई आपत्ति नहीं करता कि पैसा कहां खर्च हो।

राज्यपाल ने खड़े कर दिए 4 बड़े सवाल

L. N. Bhargava