रीवा में युवक की चोटी जबरन उखाड़ने का आरोप, जातिसूचक गालियां और धमकी की शिकायत
मामला रीवा जिले के मझिगवां गांव का
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मझिगवां गांव में एक युवक की चोटी जबरन उखाड़ने, मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का मामला सामने आया है। पीड़ित रोहित यादव ने आरोप लगाया है कि एक ब्राह्मण युवक ने उसकी 12 इंच लंबी चोटी खींचकर उखाड़ दी और उसकी धार्मिक आस्था का अपमान किया।
पीड़ित का आरोप: पेट्रोल चोरी के शक में मारपीट और चोटी उखाड़ना
रोहित यादव सीवर लाइन प्रोजेक्ट में ड्राइवर और हेल्पर के तौर पर काम करता है। उसका कहना है कि मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे सीवर लाइन का काम चल रहा था। वह मशीन के लिए पेट्रोल निकाल रहा था, तभी दीपक पांडेय वहां आया और उस पर पेट्रोल चोरी का शक जताते हुए गाली-गलौज करने लगा।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया और मारना-पीटना शुरू किया। रोहित का कहना है कि आरोपी ने जातिसूचक गालियां दीं और कहा कि उसका चेहरा देखकर लगता है कि वह छोटी जाति से है। साथ ही यह भी कहा गया कि वह ब्राह्मण न होते हुए भी लंबी चोटी रखे हुए है और उसे चोटी रखने का अधिकार नहीं है।
चोटी उखाड़ने और धमकी देने के गंभीर आरोप
रोहित यादव के मुताबिक, आरोपी ने यह टिप्पणी भी की कि आज चोटी रखोगे, कल कथा करने जाओगे। इसके बाद उसने रोहित के शरीर पर पैर रखते हुए पूरी ताकत से चोटी खींची, जिससे उसकी 12 इंच लंबी चोटी उखड़ गई। पीड़ित का कहना है कि इसके बाद भी मारपीट जारी रही और आरोपी लगातार उसे डराता-धमकाता रहा।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उसने थाने में शिकायत की बात कही तो दीपक पांडेय ने धमकी दी कि अगर थाने गया तो आगे चलकर उसे जिंदा जला देगा। रोहित के अनुसार, आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसकी पहुंच इतनी है कि वह डॉक्टरों और पुलिस सहित सभी को मैनेज कर सकता है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाया है।
धार्मिक आस्था से जुड़ी चोटी और थाने में कथित अपमान
रोहित यादव ने बताया कि उसने यह चोटी सनातन धर्म और हनुमान जी की उपासना के कारण रखी थी और पिछले सात साल से इसे नहीं कटवाया था। चोटी उखाड़े जाने के बाद उसने थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने उखड़ी हुई चोटी मुंशी को दिखाई तो मुंशी ने मारपीट का विवरण लेकर चोटी के मुद्दे को हल्का बताते हुए उसे डस्टबिन में डाल देने की बात कही। रोहित के अनुसार, उसने इसका विरोध किया और कहा कि यह उसकी आस्था का प्रतीक है, इसलिए बिना शिकायत दर्ज किए इसे फेंकना स्वीकार नहीं है। उसे आशंका हुई कि कहीं चोटी उससे ले न ली जाए, इसलिए उसने चोटी को जेब में रखकर सबूत के रूप में संभाल लिया।
लगातार मानसिक दबाव और काम की जगह बदलनी पड़ी
पीड़ित के अनुसार, घटना के बाद भी आरोपी बार-बार वहां लौटकर इशारों और आंखें दिखाकर उसे डराने की कोशिश करता रहा, ताकि वह शिकायत वापस ले ले। रोहित का कहना है कि इससे उसे मानसिक रूप से काफी प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है और किसी भी समय हमले की आशंका बनी रहती है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बताया गया है। सुरक्षा कारणों से रोहित और उसकी टीम ने मझिगवां गांव में चल रहा सीवर लाइन का काम अस्थायी रूप से बंद कर दिया और लगभग 20 किलोमीटर दूर क्योंटी गांव में काम शिफ्ट कर दिया है। उनका कहना है कि फिलहाल नई जगह काम शुरू कर दिया गया है और मझिगवां का काम बाद में पूरा किया जाएगा।
गांव के सरपंच की प्रतिक्रिया
मझिगवां गांव के सरपंच राहुल सिंह ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि आरोपी युवक की हरकत से पूरा गांव शर्मसार हुआ है और इससे ग्राम पंचायत की छवि को ठेस पहुंची है। सरपंच के अनुसार, गांव में पहले इस तरह की घटना सामने नहीं आई थी। उन्होंने आरोपी और उसके परिवार को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न करें, अन्यथा बहिष्कार पर विचार किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने पुलिस से भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की जांच जारी
बैकुंठपुर थाना प्रभारी घनश्याम मिश्रा ने बताया कि रोहित यादव द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि चोटी उखाड़ने से जुड़े आरोपों सहित सभी पहलुओं की गंभीरता से विवेचना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित पृष्ठभूमि
इससे पहले भी रीवा के इसी क्षेत्र में पेट्रोल चोरी के शक में एक युवक के साथ मारपीट और उसकी पहचान तथा आस्था से जुड़ी 12 इंच लंबी चोटी उखाड़ने की घटना की सूचना सामने आ चुकी है। मौजूदा शिकायत उसी घटना से जुड़े आरोपों को विस्तार से सामने रखती है, जिन पर पुलिस जांच कर रही है।
Arvind Vishwakarma